चंडीगढ़ कैशियर मर्डर, रंगदारी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश: शूटरों को ऑर्डर- काउंटर पर बैठे चश्मे वाले को गोली मार दो; एक गलती से पकड़े गए – Chandigarh News

चंडीगढ़ कैशियर मर्डर, रंगदारी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश:  शूटरों को ऑर्डर- काउंटर पर बैठे चश्मे वाले को गोली मार दो; एक गलती से पकड़े गए – Chandigarh News




चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉप पर हुई कैशियर जानकी दास की हत्या की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे शहर में दहशत फैलाकर रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश थी। हत्या के बाद कई कारोबारियों को धमकी भरे कॉल और संदेश मिलने से पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले का तार विदेश में बैठे गैंग से जुड़ रहा है। जांच में सामने आया है कि जम्मू में सक्रिय एक गैंग के माध्यम से आरोपियों का संपर्क गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से हुआ था। इसी नेटवर्क के जरिए मास्टरमाइंड आरोपी अमित कुमार तक वारदात को अंजाम देने के निर्देश पहुंचे थे। अमित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों का करीबी है। होटल में बनाई गई थी पूरी योजना
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी 10 जून को चंडीगढ़ पहुंचे और कजहेड़ी क्षेत्र के एक होटल में ठहरे। यहां वारदात की पूरी योजना तैयार की गई। इसके बाद जीरकपुर से बाइक और अन्य संसाधनों का इंतजाम किया गया। पहचान छिपाने के लिए आरोपी अलग-अलग माध्यमों से आवाजाही करते रहे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवकों को मोटी रकम और विदेश भेजने का लालच दिया गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्हें अपेक्षित रकम भी नहीं मिली। शूटरों को नहीं पता था किसे मारना है
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें केवल इतना निर्देश दिया गया था कि मेडिकल स्टोर के कैश काउंटर पर बैठे व्यक्ति को निशाना बनाना है। उन्हें न तो मृतक की पहचान के बारे में जानकारी थी और न ही हत्या के पीछे की पूरी साजिश की। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी सामान्य परिवारों से संबंध रखते हैं और उन्हें बहला-फुसलाकर वारदात में शामिल किया गया। मोबाइल ऑन करते ही पुलिस के हत्थे चढ़े
पुलिस जांच के अनुसार अमित के पास कुल 1 लाख रुपए थे। वारदात के बाद तीनों पहले बस के जरिए चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंचे। इसके बाद वे ट्रेन से जम्मू रवाना हो गए। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। हालांकि दिल्ली में होटल में ठहरने के दौरान उन्हें पहचान संबंधी दस्तावेज भेजने के लिए मोबाइल फोन चालू करना पड़ा। तकनीकी निगरानी कर रही चंडीगढ़ पुलिस को इसी दौरान लोकेशन से जुड़ा अहम इनपुट मिला। इसके बाद दिल्ली और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कई पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस अब हत्या के पीछे की पूरी साजिश, वित्तीय लेन-देन, आरोपियों के संपर्कों और कथित रंगदारी नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जांच में सामने आया है कि वह युवाओं को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ता था।



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