बेसहारा पशु छोड़ने पर FIR, विभागों की जिम्मेदारी तय: पंजाब गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष ने पठानकोट में की बैठक, बोले- हर साल 200 की मौत – Pathankot News
पंजाब गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन कीमती भगत मंगलवार को पठानकोट दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। कीमती भगत ने बेसहारा पशुओं के प्रबंधन, गौशालाओं की स्थिति और गौ तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदमों की विस्तृत जानकारी दी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं: आवारा पशुओं से हर साल 200 मौतें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वाइस चेयरमैन ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सड़कों पर गाय और बैल को बेसहारा छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आवारा पशुओं के कारण होने वाले हादसों में हर साल 200 से अधिक लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार इस गंभीर मुद्दे को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कीमती भगत ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में विभागों और निकायों की जिम्मेदारी तय की है। इस उच्च स्तरीय बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पठानकोट के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) अर्शदीप सिंह लुवाना, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार सहित क्षेत्र की विभिन्न गौशालाओं के प्रतिनिधि और प्रबंधक विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश डेरीवाल गौशाला की क्षमता का हो पूरा इस्तेमाल दौरे के दौरान सामने आया कि पठानकोट की डेरीवाल गौशाला में वर्तमान में केवल 325 गायें ही हैं, जबकि इस गौशाला की क्षमता हजारों गायों को रखने की है। वाइस चेयरमैन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को तुरंत पकड़कर इस गौशाला और अन्य कैटल पोंड तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर लावारिस छोड़ने के बजाय सरकारी गौशालाओं में सौंपें। जम्मू-कश्मीर सीमा पर बढ़ेगी नाकेबंदी; गौ तस्करी पर कड़ा एक्शन पठानकोट की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने गौ तस्करी के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर सीमा से सटे क्षेत्रों में नाकेबंदी को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही, पशु तस्करी से जुड़े पुराने और नए मामलों की गहनता से जांच करने को कहा ताकि तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
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