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तमिलनाडु विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट: सीएम विजय बहुमत साबित करेंगे; AIADMK ने व्हिप जारी करते हुए कहा- TVK के खिलाफ वोट दें

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तमिलनाडु विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट:  सीएम विजय बहुमत साबित करेंगे; AIADMK ने व्हिप जारी करते हुए कहा- TVK के खिलाफ वोट दें


चेन्नई8 मिनट पहले

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तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)।

TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है।

इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे।

AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी

AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है।

उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता।

शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास।

AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक

AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी।

AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं

AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

AIADMK में फूट की 4 वजहें…

पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है।

पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा।

2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए।

2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी।

10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने

विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है।

विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश

विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है।

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