पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पावरफुल मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED ने रेड की है। यह रेड चंडीगढ़ में उनके सरकारी घर, दिल्ली और गुरुग्राम के ठिकानों में हुई है। चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में ED टीम की 15 गाड़ियां एक साथ पहुंची और पूरा घर लिया। इसके बाद बाहर CRPF के जवान तैनात कर दिए गए। किसी को भी घर के अंदर जाने या बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। संजीव अरोड़ा पर साल में तीसरी और महीने में दूसरी बार ED ने रेड की है। ED सोर्सेज के मुताबिक 4 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इसमें सरकारी घर के साथ हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के ऑफिस पर भी रेड हुई है। ED सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि संजीव अरोड़ा ने अपनी कंपनी के जरिए मोबाइल फोन की 100 करोड़ रुपए से अधिक की फर्जी GST खरीद दिखाकर बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग की। इसके बाद दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग के लिए इन सामानों के निर्यात यानी एक्सपोर्ट का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी के अनुसार, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और एक्सपोर्ट पर GST रिफंड तथा ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए दिल्ली की गैर-मौजूद फर्मों से कई फर्जी GST खरीद बिल हासिल किए गए। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और व्यक्तिगत लाभ कमाया गया। ED रेड से पंजाब की AAP सरकार गुस्से में आ गई है। CM भगवंत मान ने संगरूर में कॉन्फ्रेंस कर कहा- पंजाब की तरफ आंख उठाकर मत देखना, पंजाबी आंखें निकाल देंगे। ED रेड का मकसद ब्लैक मनी पकड़ना नहीं बल्कि भाजपा जॉइन कराना है। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर रेड की। 2 दिन रेड चली, तीसरे दिन मित्तल ने भाजपा जॉइन कर ली। सीएम ने कहा- मोदी जी को अब तक एक ही बार झुकना पड़ा, एक ही बार यूटर्न लेकर माफी मांगनी पड़ी। तब भी पंजाब ने ही कृषि कानूनों पर झुकाया। सीएम ने कहा- BJP का असली मतलब भारत जलाओ पार्टी है। खबर आगे पढ़ने से पहले इस पोल में अपनी महत्वपूर्ण राय जरूर दें…
पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी। अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके। उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं। वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं। रेड के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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