मणिपुर के कामजोंग में गोलाबारी, 2 की मौत: कई घरों में आग लगाई; एक दिन पहले 6 नगा लोगों के शव मिले थे

मणिपुर के कामजोंग में गोलाबारी, 2 की मौत:  कई घरों में आग लगाई; एक दिन पहले 6 नगा लोगों के शव मिले थे


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इम्फाल15 मिनट पहले

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नगा शव मिलने के बाद कई जिलों में हिंसा भड़क गई।

मणिपुर के कामजोंग जिले के कुलतूह कुकी गांव में गुरुवार सुबह संदिग्ध मिलिटेंट्स ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मिलिटेंट्स ने सुबह करीब 4:55 बजे अंधाधुंध गोलीबारी की।

साथ ही गांव के कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कया गया है।

यह घटना कांगपोकपी जिले में छह नगा नागरिकों के शव मिलने के एक दिन बाद हुई है। आशंका जताई जा रही है कि ये शव उन छह लोगों के हैं जो 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अगवा हुए थे। 29 दिन बाद इनके शव मिलने से तनाव बढ़ गया है।

मणिपुर में तनाव की 5 तस्वीरें…

लापता छह लोगों के शव कांगपोकपी जिले के कराम वैफेई गांव से बरामद किए गए थे। हालांकि प्रशासन ने अभी तक उनकी पहचान की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।

छह शवों को गुरुवार सुबह इम्फाल स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) लाया गया। शवों के पहुंचते ही बड़ी संख्या में परिजन, नगा समुदाय के नेता और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जमा हो गए। भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

सेनापति जिले में प्रदर्शनकारियों ने नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के एक ऑफिस में आग लगा दी, जबकि कई जगहों पर ट्रकों को भी निशाना बनाया गया। यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने नगा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।

स्थिति पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।

स्थिति पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।

मोर्चरी और आसपास के इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए।

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रविवार को उखरुल जिले के शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाके में महिलाओं ने असम राइफल्स के जवानों को आगे बढ़ने नहीं दिया वे मशाल लेकर विरोध करती रहीं।

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मणिपुर में 3 साल से जातीय हिंसा चल रही है। राज्य में पूरी तरह शांति नहीं है। सोमवार को कांगपोकपी जिले के पोंग्रिंगलॅान्ग रोंग्मेई नगा गांव में कुकी उग्रवादी संगठन ने गोलीबारी की। इस घटना के बाद लापता चुन्जांग्लुंग पान्मेई नाम के नगा विलेज गार्ड का शव जंगलों से मिला है। उसके सिर पर गोली मारी गई थी।

नगा समूहों का आरोप है कि केंद्र कुकी समूहों का इस्तेमाल शैडो वॉर (छाया युद्ध) के तौर पर कर रहा है। इसके अलावा चिंग मामांग गांव में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिसमें एक घायल हुआ है। नगा संगठनों ने सुरक्षा बलों पर पक्षपात का आरोप लगाया है। साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें

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