जालंधर में PRTC के मुलाजिमों की हड़ताल: मांगें पूरी न होने पर 11 जून को करेंगे सीएम आवास का घेराव – Jalandhar News
बस मुलाजिमों ने कियी प्रदर्शन।
पंजाब में सरकारी बस सेवा पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच गई है। पनबस (PunBus) के कच्चे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज दोपहर से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। इस आंदोलन की आग कल से और भड़कने वाली है, क्यों
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मांगों की अनदेखी से भड़का गुस्सा
मामले की जानकारी देते हुए डिपो-1 के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि कच्चे कर्मचारी पिछले एक लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की तरफ से केवल खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में किलोमीटर स्कीम बसों का विरोध, कच्चे मुलाजिमों को तुरंत पक्का करना और सस्पेंड या नौकरी से निकाले गए कर्मियों की बहाली शामिल है। लंबे समय से लंबित इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण आखिरकार कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
वित्त मंत्री के फैसले पर जताया कड़ा रोष
विक्रम सिंह ने बताया कि आज राज्य के वित्त मंत्री द्वारा वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाई गई। सरकार के इसी कदम ने आग में घी डालने का काम किया है। कर्मचारियों का कहना है कि वित्त मंत्री अगर प्राइवेट मालिकों की बसों को प्रमोट करने और उन्हें हरी झंडी देने की जगह, सरकारी बेड़े में नई बसों को शामिल करने का ऐलान करते, तो इस हड़ताल को टाला जा सकता था।
उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में कच्चे कर्मियों को पक्का करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जबकि खुद वित्त मंत्री ने कई बार मुलाजिमों को जल्द से जल्द पक्का करने का भरोसा दिया था।
यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, आंदोलन होगा तेज
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी और इसके लिए उन्होंने पहले ही विभाग को लिखित नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। आज पनबस के बाद, कल यानी बुधवार दोपहर 12 बजे से पीआरटीसी के संविदा कर्मचारी भी पूरी तरह से काम बंद कर देंगे।
दो प्रमुख परिवहन संगठनों के एक साथ आने से पंजाब भर में आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि सरकार की इस बेरुखी के विरोध में आगामी 11 जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर प्रदर्शन को और उग्र किया जाएगा। बता दें की जालंधर में पंनबस की संख्या लगभग 200 है।

