मोहाली में दो रुपए प्रति लीटर सस्ता मिलेगा दूध: अपना बर्तन लाना होगा, एक परिवार कर सकता है चार किलो प्लास्टिक की बचत – Chandigarh News
मोहाली में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) और वेरका मिल्क प्लांट ने प्लास्टिक कचरा कम करने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। एटीएस कासा एस्पाना सोसाइटी में मोबाइल मिल्क वेंडिंग वैन की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य सिंगल-यूज प्लास्टिक से बनने वाले दूध के पाउचों का उपयोग कम करना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। “दूध वही, प्लास्टिक नहीं” अभियान के तहत मिलेगी छूट इस अभियान के तहत लोग अपने घर से बर्तन, बोतल या अन्य कंटेनर लाकर वेंडिंग वैन से ताजा वेरका दूध खरीद सकेंगे। वेंडिंग वैन से दूध खरीदने पर इसकी कीमत 64 रुपए प्रति लीटर रखी गई है, जबकि प्लास्टिक पाउच में मिलने वाले दूध की कीमत 66 रुपए प्रति लीटर है। यानी उपभोक्ताओं को प्रति लीटर 2 रुपए की बचत भी होगी। एक परिवार सालाना 4 किलो प्लास्टिक कचरा कम कर सकता है वेंडिंग मशीन की क्षमता करीब 300 लीटर दूध की है। यदि यह पूरी क्षमता से संचालित होती है, तो केवल एक आवासीय सोसाइटी में ही प्रतिदिन लगभग 600 प्लास्टिक पाउचों के उपयोग को रोका जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई परिवार प्रतिदिन 2 लीटर दूध इस प्रणाली से खरीदता है, तो वह सालभर में करीब 4 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा पैदा होने से बचा सकता है। सफल रहा तो पूरे पंजाब में शुरू होगी योजना पीपीसीबी अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए लोगों की आदतों में बदलाव जरूरी है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे मोहाली की अन्य आवासीय सोसाइटियों के साथ-साथ पंजाब के अन्य शहरों और कस्बों में भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त मोबाइल वेंडिंग वैन या वेरका के मौजूदा बिक्री केंद्रों पर स्थायी वेंडिंग यूनिट स्थापित की जा सकती हैं।
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