कुरुक्षेत्र के मीरी-पीरी संस्थान पर HSGMC में फूट: प्रधान की बैठक बेअसर, झींडा समेत सिर्फ 12 मेंबर पहुंचे, दादूवाल और समर्थकों ने बनाई दूरी – Kurukshetra News

कुरुक्षेत्र के मीरी-पीरी संस्थान पर HSGMC में फूट:  प्रधान की बैठक बेअसर, झींडा समेत सिर्फ 12 मेंबर पहुंचे, दादूवाल और समर्थकों ने बनाई दूरी – Kurukshetra News


कुरुक्षेत्र हेड मुख्यालय में बुलाई प्रधान झींडा ने मेंबर्स की बैठक।

हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा की ओर से शाहाबाद के मीरी-पीरी संस्थान के संचालक के लिए मेंबर्स की बैठक बुलाई गई। इसमें कमेटी के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल समेत ज्यादातर मेंबर्स ने बैठक से दूरी बनाए रखी।

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प्रधान झींडा दोपहर 12 बजे से शाम तक इंतजार करते रहे, लेकिन उनके समेत सिर्फ 12 मेंबर ही मुख्यालय तक पहुंचे। असल में, प्रधान झींडा ने आर्थिक संकट से जूझ रहे संस्थान के भविष्य और कर्मचारियों की लंबित सैलरी को लेकर बैठक बुलाई थी, ताकि कोई ठोस रोडमैप तैयार हो सके।

प्रधान झींडा को सैलरी के लिए ज्ञापन देते संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी।

दादूवाल पहले उठा चुके सवाल

मीरी-पीरी संस्थान को लेकर पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल पहले भी खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। दादूवाल ने झींडा पर संस्थान की वास्तविक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं होने के आरोप लगाया था। दादूवाल ने झींडा से इस्तीफा भी मांगा था।

सैलरी संकट और बजट सबसे बड़ा मुद्दा

बैठक से एक दिन पहले संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी सैलरी को लेकर प्रधान झींडा को ज्ञापन सौंपा था। कर्मचारियों ने वेतन भुगतान और संस्थान के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी। झींडा ने स्वीकार किया था कि संस्थान का खर्च काफी बड़ा है, जबकि आय के स्रोत सीमित हैं।

झींडा से मिलने पहुंचे संस्थान के कर्मचारी।

झींडा से मिलने पहुंचे संस्थान के कर्मचारी।

मीरी-पीरी कोई छोटी संस्था नहीं

मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज और संस्थान बड़ी संस्था है। इसकी नींव 1992 के आसपास रखी गई थी और 1996 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। पिछले महीने 12 मई को ही कोर्ट के फैसले के बाद HSGMC ने संस्थान की सेवा संभाली थी।



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