अमृतसर के पेपर-आर्टिस्ट ने बनाया-कनाडा में श्री-अकाल-तख्त साहिब का मॉडल: 1984 के शहीदों की याद में होगा प्रदर्शित – Amritsar News

अमृतसर के पेपर-आर्टिस्ट ने बनाया-कनाडा में श्री-अकाल-तख्त साहिब का मॉडल:  1984 के शहीदों की याद में होगा प्रदर्शित – Amritsar News


जून 1984 के शहीदों की याद में कनाडा के ब्रैम्पटन में श्री अकाल तख्त साहिब का विशेष मॉडल तैयार किया गया है। इस मॉडल को अमृतसर के प्रसिद्ध पेपर आर्टिस्ट गुरप्रीत सिंह ने बनाया है। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि यह मॉडल जून 1984 के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब

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उन्होंने कहा कि उस दौर में गोलियों, तोपों और टैंकों की मार से इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। मॉडल में उसी स्थिति को बारीकी से दिखाने की कोशिश की गई है, ताकि नई पीढ़ी उस इतिहास को समझ सके और शहीदों की कुर्बानियों को याद रख सके।

20 से 25 दिनों में हुआ तैयार

गुरप्रीत सिंह के अनुसार इस मॉडल को तैयार करने में लगभग 20 से 25 दिन का समय लगा। इसे सॉलिड वुड और फाइबर की सहायता से बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे फ्रांस, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका सहित कई देशों में धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों के मॉडल तैयार कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सिख इतिहास और विरासत से जोड़ना है। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि दसों गुरुओं के जन्म स्थलों के मॉडल भी उन्होंने तैयार किए हैं, जो उनकी अमृतसर स्थित गैलरी में प्रदर्शित हैं।

कनाडा में संगतों के लिए होगा प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि यह मॉडल कनाडा में संगतों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि जून 1984 के इतिहास और शहीदों की याद को जीवित रखा जा सके। उनका मानना है कि इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी जानकारी पहुंचनी चाहिए।

अमृतसर के प्रसिद्ध पेपर आर्टिस्ट गुरप्रीत सिंह

अमृतसर के प्रसिद्ध पेपर आर्टिस्ट गुरप्रीत सिंह

ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से भी सम्मान

गुरप्रीत सिंह को उनके कार्यों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि कनाडा की संसद में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा उन्हें दो बार सम्मानित किया गया। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न संसद और अमेरिका के न्यू जर्सी प्रशासन की ओर से भी उन्हें सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। गुरप्रीत सिंह का कहना है कि भविष्य में भी वे दुनिया भर में ऐसे मॉडल प्रदर्शित कर लोगों को इतिहास, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का प्रयास जारी रखेंगे।



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