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मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी: मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; दो दिन पहले हुई हिंसा में 21 गिरफ्तार

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मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:  मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; दो दिन पहले हुई हिंसा में 21 गिरफ्तार




मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। झड़प में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, 6 अप्रैल को ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई एक घर पर बम धमाके में दो बच्चों की मौत हुई थी। इन्हीं के न्याय के लिए प्रदर्शन हो रहे है। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई। प्रदर्शन और झड़प की 5 तस्वीरें… पुलिस बोली- रैलियों की आड़ में हमले इंफाल वेस्ट के एसपी शिवकांत सिंह ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व रैलियों का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। कई लोग नशे की हालत में भी पाए गए। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार पुलिस ने 18 अप्रैल को पातसोई से सगोलबंद के बीच इम्फाल-जिरीबाम रोड पर निकाली गई मशाल रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। रैली के दौरान भीड़ ने पथराव, पेट्रोल बम और गुलेल का इस्तेमाल किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सगोलबंद, तेरा, उरिपोक, ब्रह्मापुर, लांगथाबल, नगामापाल, नाओरेमथोंग और थांगमेइबंद समेत इंफाल के कई इलाकों के निवासी शामिल हैं। 5 दिनों तक शटडाउन मेइरा पाइबी संगठन ने हमले के आरोपियों की 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी की मांग की है। घाटी के जिलों में पहले से ही 5 दिन का टोटल शटडाउन जारी है। वहीं, नागा बहुल इलाकों में अलग से 3 दिन का बंद बुलाया गया है। बाजार बंद होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर हिंसा-घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी खबर पढ़ें…



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