फाजिल्का की अमानत कंबोज को हांगकांग में गोल्ड: अंतर्राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स में सफलता, USA में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप में चयन – Fazilka News

फाजिल्का की अमानत कंबोज को हांगकांग में गोल्ड:  अंतर्राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स में सफलता, USA में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप में चयन – Fazilka News



पंजाब के सरहदी जिले फाजिल्का की होनहार खिलाड़ी अमानत कंबोज ने अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर देश और प्रदेश का नाम सुनहरे अक्षरों में चमकाया है। हांगकांग में आयोजित ‘जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप-2026’ में अमानत ने डिस्कस थ्रो (Discus Throw) इवेंट में शानदार

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इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के बाद फाजिल्का पहुंचने पर अमानत का सियासी नेताओं, समाजसेवियों और स्कूल प्रबंधकों द्वारा गले में नोटों के हार पहनाकर और मिठाइयां बांटकर भव्य स्वागत किया गया।

कड़ी मेहनत से बदला मेडल का रंग, 2024 में जीता था सिल्वर

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए अमानत कंबोज ने बताया कि वह लंबे समय से इसके लिए कड़ा अभ्यास कर रही थीं। इससे पहले साल 2024 में हुई एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया था। अमानत ने कहा, “मैंने अपने खेल में सुधार के लिए खूब पसीना बहाया और आज अपनी मेहनत के दम पर हांगकांग में गोल्ड मेडल जीतकर मुझे बेहद गर्व महसूस हो रहा है।”

पिता का अधूरा सपना पूरा कर रही है बेटी; अब यूएसए का टिकट पक्का

अमानत के पिता हाकम चंद खुद भी एक एथलीट रह चुके हैं। भावुक होते हुए उन्होंने बताया कि मैं अपने खेल जीवन में नेशनल (राष्ट्रीय स्तर) तक ही खेल पाया था, लेकिन आज मेरी बेटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीतकर मेरे अधूरे सपनों को पूरा कर रही है।”

हाकम चंद ने एक और बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि हांगकांग में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अब अमानत का चयन वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हो गया है। यह वैश्विक प्रतियोगिता आगामी 5 अगस्त को यूएसए (USA) में आयोजित होने जा रही है, जिसके लिए अमानत ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

स्कूल और परिवार में जश्न का माहौल

फाजिल्का के ‘आत्म वल्लभ’ स्कूल की छात्रा अमानत की इस कामयाबी पर स्कूल प्रबंधन भी बेहद गदगद है। स्कूल की प्रिंसिपल संगीता तिन्ना और समस्त स्टाफ ने अमानत के माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि अमानत की यह उत्कृष्ट उपलब्धि उसकी कड़ी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता की भावना का जीवंत प्रमाण है। स्कूल और परिजनों ने अमानत की पीठ थपथपाते हुए उसे भविष्य में यूएसए में होने वाली प्रतियोगिता के लिए भी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।



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