दांतों की सर्जरी में लापरवाही से प्रभावित हो सकता है दिल और दिमाग – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए-जालंधर) की एक बैठक डॉ. राहिल भास्कर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। डॉ. एसपीएस ग्रोवर इसके मुख्य वक्ता थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामान्य डेंटल प्रैक्टिशनर्स को एक्सट्रैक्शन तथा सर्जिकल प्रोसीजर करते समय अत्यंत सावधानी एवं पूर्ण सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि यह मैक्सिलेरी एरिया अत्यंत संवेदनशील होता है। यदि यह प्रोसीजर को सावधानीपूर्वक न किया जाए तो अत्यधिक ब्लीडिंग, सिस्टम इंफेक्शन्स जैसे मेनिनगिट्टीस, शॉक्स, सिनकॉप जैसी कॉम्प्लीकेशंस उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त यदि किसी मरीज को गंभीर हृदय समस्या हो अथवा वाल्व रिप्लेसमेंट हुआ हो तो सर्जिकल प्रोसीजर से से पूर्व उसे प्रोफिलैक्टिक हॉर्ट एंटीबायोटिक दी जानी चाहिए। डेंटल सर्जरी के बाद अधिक ब्लीडिंग होने पर उसके कारण का पता लगाना चाहिए कि वह लोकल है या सिस्टमेटिक। लोकल को क्लीनिक में ही संभाला जा सकता है, लेकिन सिस्टमेटिक सिस्टमेटिक में जैसे लीवर समस्या, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, हीमोफीलिया और खून को पतला रखने वाली दवाइयां के मामलों को उचित प्रबंधन हेतु अस्पताल के लिए रेफर जाना चाहिए। डॉ. मनबीर सिंह ने डेंटल ट्रीटमेंट के दौरान उत्पन्न होने वाली विभिन्न दिल की समस्याएं के बारे में जानकारी दी। मरीजों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए तथा गुटका या तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह उनकी स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकता है। इस मौके पर डॉ. राजेश यादव, डॉ. सुधीर मित्तल, डॉ. मनदीप सिंह अनेजा, डॉ. मनमोहित सिंह, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. गौरव देव, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. निधि परहार, डॉ. सिमरन डंग, डॉ. भूपिंदर सिंह परहार, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. मीना गुप्ता, डॉ. एस.एच. सोढ़ी, डॉ. दीवाकर वासुदेव, डॉ. ज्योति प्रकाश, डॉ. कमलजीत सिंह तथा अन्य डॉक्टर मौजूद थे।
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