केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में उत्तराखंड के रुद्रपुर की बेटी ने परचम लहराया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा हर्षा ने 500 में से 500 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और स्कूल में जश्न मनाया जा रहा है। हर्षा की इस कामयाबी ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे स्कूल और जिले का नाम रोशन किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह सफलता हर्षा की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का नतीजा है। खास बात यह है कि हर्षा ने बिना किसी ट्यूशन के केवल स्व-अध्ययन के जरिए यह मुकाम हासिल किया। हर्षा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि सही मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुंचाया। हर्षा की यह उपलब्धि अब उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करना चाहते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
हर्षा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वह इतने अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगी। हर्षा के अनुसार, उनके शिक्षकों ने हर विषय को सरल तरीके से समझाया और परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी भी प्रकार की ट्यूशन नहीं ली, बल्कि स्व-अध्ययन और नियमित अभ्यास के जरिए यह मुकाम हासिल किया। हर्षा ने कहा- डीपीएस के सारे टीचर्स, फैकल्टी, चेयरमैन सर, एवरीवन हू सपोर्टेड मी, थैंक यू वैरी मच। मैं आपके वजह से ही यहां पर आ पाई हूं। मां ने बेटी की मेहनत की सराहना की
हर्षा की मां सत्या ने भी अपनी बेटी की मेहनत और लगन की सराहना की। उन्होंने बताया कि हर्षा शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है और उसने हर दिन पूरी ईमानदारी से तैयारी की। उन्होंने कहा कि बेटी की इस सफलता ने पूरे परिवार को गर्व महसूस कराया है और यह साबित किया है कि निरंतर मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है। हर्षा की यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं। यह सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई की जाए तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। स्कूल के चेयरमैन ने की तारीफ
स्कूल के चेयरमैन सुरजीत सिंह ने हर्षा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल स्कूल बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि हर्षा की मेहनत, लगन और अनुशासन ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि छात्र दृढ़ निश्चय कर लें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। चेयरमैन हुए भावुक
सुरजीत सिंह ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि हर्षा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार परिश्रम किया और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। हर्षा की यह सफलता उन लोगों के लिए एक सशक्त जवाब है जो कभी-कभी स्कूल की आलोचना करते हैं। हर्षा ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और समर्पण के साथ सफलता निश्चित है। चेयरमैन ने हर्षा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छूती रहेंगी।
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