कांगड़ा घाटी के लिए खुशखबरी: पठानकोट-जोगिंदरनगर मार्ग पर 2 जून से फिर दौड़ेगी ऐतिहासिक नैरोगेज ट्रेन, ₹70 करोड़ से पुल तैयार – Pathankot News
हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन कही जाने वाली ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी नैरोगेज रेल सेवा के यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल मार्ग पर आगामी 2 जून से ट्रेनों का संचालन फिर से बहाल होने जा रहा है। सुरक्षा और ट्रैक मॉनिटरिंग को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में सीमित संख्या में ही ट्रेनें चलाई जाएंगी। चक्की पुल के बह जाने के कारण यह सेवा लंबे समय से बाधित थी, जिसे अब रेलवे ने पूरी तरह दुरुस्त कर लिया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इसके लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। अगस्त 2023 से बंद था मार्ग बता दें कि 20 अगस्त 2023 को भारी बारिश और आपदा के कारण चक्की रेलवे पुल के दो पिलर बह गए थे। इसके बाद सुरक्षा कारणों से इस पूरे रूट पर ट्रेनों की आवाजाही ठप कर दी गई थी। इस व्यवधान के कारण पिछले कई महीनों से स्थानीय कारोबारियों, रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ₹70 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक पुल रेलवे ने आपदा को अवसर में बदलते हुए चक्की नदी पर लगभग 70 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक नया और अत्याधुनिक पुल तैयार किया है। इस साल फरवरी 2026 में रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने नए पुल का बारीकी से निरीक्षण किया था और इसे ट्रेनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया था। CRS की हरी झंडी मिलने के बाद से ही रेलवे इस ट्रैक को दोबारा शुरू करने की तैयारियों में जुट गया था। चरणबद्ध तरीके से चलेंगी ट्रेनें, पठानकोट सिटी से ही मिलेगी सुविधा व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट यह रेल सेवा पंजाब के पठानकोट और हिमाचल प्रदेश के अंदरूनी इलाकों के बीच व्यापारिक गतिविधियों का मुख्य जरिया है। इसके शुरू होने से स्थानीय बाजार और माल ढुलाई को नई गति मिलेगी। वहीं, धौलाधार की खूबसूरत वादियों से होकर गुजरने वाला यह ट्रैक सैलानियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। जून के इस पीक समर सीजन में ट्रेन सेवा की वापसी से हिमाचल के पर्यटन उद्योग को बहुत बड़ा उछाल मिलने की उम्मीद है।
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