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चिदंबरम बोले- विजय के पास राजनीतिक अनुभव नहीं
तमिलनाडु के शिवगंगा में कांग्रेस के सीनियर नेता पी. चिदंबरम ने कहा- एक विजय पार्टी सामने आई है। उनके पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है। आज वह कराईकुडी आए और बिना कुछ बोले ही चले गए। यह कैसे स्वीकार्य हो सकता है? राजनीति का मतलब बोलना होता है, इसका मतलब बहस करना होता है, तभी एक सही बहस हो सकती है, जब मैं अपने विचार रखूं और वह अपने विचार रखें। मैं चुप नहीं रह सकता। कल भी उन्होंने कुछ नहीं बोला। वह प्रेस से नहीं मिले हैं। वह लोगों से भी बातचीत नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे देखिए मैं आपके पास आता हूं। मैंने गृह मंत्री और वित्त मंत्री के तौर पर काम किया है। मैं कार से अकेले यात्रा करता हूं। जब भी मैं आता हूं, मैं बोलने के लिए तैयार रहता हूं। अगर कोई बहस होती है, तो मैं उसके लिए हमेशा तैयार रहता हूं, लेकिन शासन करना अलग बात है। फिल्मों में काम करना एक बात है और शासन करना दूसरी बात।
उन्होंने कहा कि शासन का मतलब यह तय करना है कि कौन सी नीतियां सचमुच लोगों को फायदा पहुंचाएंगी। इसमें यह तय करना शामिल है कि सार्वजनिक धन कैसे खर्च किया जाए, ताकि लोगों को असली फायदे मिलें और सड़क परियोजनाओं, पीने के पानी की योजनाओं, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य माध्यमों से विकास हासिल हो।
शासन करते समय इन चीजों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और कार्यान्वयन करना होता है। शासन करना आसान नहीं है। मैंने लगभग 20 वर्षों तक शासन किया है, और मैं कह सकता हूं कि यह कोई आसान काम नहीं है। शासन में, कोई ‘रिटेक’ नहीं होता। सिनेमा में अगर कोई सीन अच्छा नहीं आता तो निर्देशक दूसरे ‘टेक’ के लिए कह सकता है, लेकिन प्रशासन में ऐसा संभव नहीं है। एक बार कोई फैसला हो गया, तो उसका कोई ‘रिटेक’ नहीं होता। वह फैसला जैसा है, वैसा ही रहता है।






