मोगा में भगोड़े अपराधी की गोलियां मारकर हत्या: गैंगवार या रंजिश: अज्ञात हमलावरों ने सरेआम की वारदात, अर्शदीप पर दर्ज थे कई मामले – Moga News

मोगा में भगोड़े अपराधी की गोलियां मारकर हत्या:  गैंगवार या रंजिश: अज्ञात हमलावरों ने सरेआम की वारदात, अर्शदीप पर दर्ज थे कई मामले – Moga News




मोगा जिले के अधीन आते गांव कपूरे में आज सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक का गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ। अज्ञात हमलावरों ने बधनीकलां निवासी बदमाश अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श के सिर में सरेआम गोलियां मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उच्चाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके से दो कारतूस के खोल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस के ​अनुसार अर्श पर कई मामले दर्ज थे। कोर्ट ने उसे कई मामलों में पुलिस का भगौड़ा घोषित किया थाा पूर्व सरपंच की सूचना पर पहुंची पुलिस, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत थाना मैहना के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह ने बताया कि आज सुबह उन्हें गांव कपूरे के पूर्व सरपंच इकबाल सिंह ने फोन पर सूचना दी कि उनके गांव के पास एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा है। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की विशेष टीमों को बुलाया गया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को मृतक के शव के पास से 2 चले हुए कारतूसों के खोल (खोखे) और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर सील कर दिया गया है। दो थानों का ‘भगौड़ा’ (पीओ) था मृतक अर्शदीप पुलिस ने जब शव की शिनाख्त की, तो उसकी पहचान बधनीकलां निवासी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श के रूप में हुई। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि मृतक अर्शदीप सिंह आपराधिक पृष्ठभूमि का था। वह थाना बधनीकलां और थाना मैहना में दर्ज कई संगीन आपराधिक मामलों में लंबे समय से भगौड़ा (PO – Proclaimed Offender) घोषित था और पुलिस को उसकी तलाश थी। मां ने कहा— “जेल जाने के डर से छुपा रहता था बेटा” घटना की सूचना पाकर मृतक की माता अमरजीत कौर अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचीं। उनकी शिकायत के आधार पर थाना मैहना में 2 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या (धारा 302/प्रासंगिक नई धारा) का मामला दर्ज किया गया है। अमरजीत कौर ने रोते हुए पुलिस को बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करके परिवार पालती हैं। उनका छोटा बेटा हर्शप्रीत सिंह पहले से ही शराब तस्करी में सेंट्रल जेल फरीदकोट में बंद है। बड़ा बेटा अर्शदीप भगौड़ा होने के कारण गिरफ्तारी के डर से घर में ही छुपा रहता था। उन्होंने उसे कई बार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (पेश) करने को कहा था, लेकिन वह नहीं माना। कल शाम धार्मिक स्थल पर देखा गया था अर्शदीप इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब बधनीकलां के ही निवासी सतनाम सिंह ने पुलिस को अहम जानकारी दी। सतनाम के मुताबिक, उन्होंने कल (गुरुवार) शाम अर्शदीप उर्फ अर्श को धर्मकोट के नजदीक इंदगढ़ में स्थित एक धार्मिक स्थान ‘झिड़ी’ में देखा था। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने वहीं से उसका पीछा किया और रात या अलसुबह कपूरे गांव के पास सुनसान जगह पाकर उसके सिर में गोलियां दाग दीं। थाना प्रभारी का बयान: “जल्द बेनकाब होंगे हत्यारे” थाना प्रभारी मैहना इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह कहा कि “हमने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वारदात के रूट और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, जल्द ही हत्यारों को काबू कर लिया जाएगा। शव का सिविल अस्पताल मोगा से पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों के हवाले किया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *