चंडीगढ़ SGPC दफ्तर पहुंची एसआईटी: 328 गायब स्वरूपों की कर रही जांच, पुलिस का आरोप- इन्वेस्टीगेशन में सहयोग नहीं कर रहे – Chandigarh News
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूप गायब होने के मामले की जांच तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम एसजीपीसी दफ्तर पहुंची है। माना जा रहा है कि अधिकारी अब इस मामले में मुलाजिमों से पूछताछ करेंगे। हालांकि, इस दौरान टीम ने मीडिया से बातचीत नहीं की। 2020 में पहली बार सामने आया मामला यह मामला जून 2020 में सामने आया था, जब वर्ष 2015-16 के रिकॉर्ड की जांच के दौरान पता चला कि एसजीपीसी के पब्लिकेशन हाउस से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूप कम पाए गए। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने ईश्वर सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से ये पावन स्वरूप संगत को दे दिए गए थे। इसके बदले मिली भेंट और चढ़ावे का रिकॉर्ड खातों में दर्ज नहीं किया गया और न ही कोई रसीद जारी की गई। इसे वित्तीय गबन का मामला माना गया। मौजूदा सरकार ने गठित की एसआईटी मामले की जांच के लिए पंजाब की भगवंत मान सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, जो अमृतसर पुलिस कमिश्नर की निगरानी में जांच कर रहा है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में 16 मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया। जांच के दौरान एसजीपीसी के पूर्व अकाउंटेंट सत्येंद्र सिंह कोहली को गिरफ्तार किया गया और कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई। अब तक 328 में से 169 पावन स्वरूपों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया जा चुका है। वहीं जांच के सिलसिले में शिरोमणि कमेटी के करीब 40 अधिकारियों को पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया गया था। एसजीपीसी ने किया था विरोध हाल ही में मई 2026 में एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस की एसआईटी गैर-जरूरी जानकारी मांगकर एसजीपीसी के आंतरिक मामलों में दखल दे रही है। इससे पहले इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर ‘गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति’ और एसजीपीसी टास्क फोर्स के बीच अमृतसर में हिंसक झड़पें भी हो चुकी हैं।
Source link

