दतिया कांग्रेस प्रत्याशी बोले- भारती ने BJP से पैसे लिए: चुनाव हराने भीतरघात किया; राजेंद्र ने घनश्याम को ‘कायर-डरपोक’ बताया, बोले- नरोत्तम से फंडिंग ली – datia News

दतिया कांग्रेस प्रत्याशी बोले- भारती ने BJP से पैसे लिए:  चुनाव हराने भीतरघात किया; राजेंद्र ने घनश्याम को ‘कायर-डरपोक’ बताया, बोले- नरोत्तम से फंडिंग ली – datia News


मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भाजपा से फंडिंग लेकर चुनाव में भीतरघात कर हराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

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घनश्याम सिंह ने पार्टी आलाकमान से भारती को कांग्रेस से निष्कासित करने की मांग की है। आरोपों पर राजेंद्र भारती ने घनश्याम सिंह को ‘कायर और डरपोक’ बताया। उन्होंने कहा कि अपनी संभावित हार के डर से वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

भारती ने उल्टा आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति और राजनीतिक सहयोग के सहारे चुनाव लड़ा। चुनाव का फंड मैनेजमेंट भी भाजपा से जुड़े लोगों ने संभाला।

भारती पर BJP से मिलकर काम करने का आरोप

भास्कर से बातचीत में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बताया- चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक राजेंद्र भारती ने मेरे पक्ष में नहीं किया। भाजपा नेताओं के साथ मिलकर काम किया। भारती को भाजपा की ओर से फंडिंग मिली।

उन्होंने कहा- भारती के समर्थकों औक करीबियों के जरिए मतदाताओं के बीच पैसा बांटकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष तक शिकायत भेजी जा चुकी है। भारती को पार्टी से तत्काल बाहर करने की मांग की है।

भारती का पलटवार- दूसरों पर पत्थर न फेंकें

राजेंद्र भारती ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा- जो लोग खुद कांच के महलों में रहते हैं, उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर फेंकने की आदत छोड़ देनी चाहिए। वे अपनी संभावित हार के डर को छिपाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।

भारती ने कहा कि वे वर्षों से जनता के बीच रहकर राजनीति करते आए हैं। दतिया की जनता सब जानती है कि किसने किसके लिए संघर्ष किया है।

भारती ने घनश्याम सिंह को ‘कायर और डरपोक’ बताया।

भारती ने घनश्याम सिंह को ‘कायर और डरपोक’ बताया।

नरोत्तम मिश्रा को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप

भारती ने कहा- घनश्याम सिंह ने यह उपचुनाव पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति और राजनीतिक सहयोग के सहारे लड़ा। चुनाव की व्यवस्थाओं और फंड मैनेजमेंट में भी नरोत्तम मिश्रा से जुड़े लोगों की भूमिका रही। घनश्याम सिंह नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ सीधे चुनाव लड़ने को लेकर तैयार नहीं थे।

उन्होंने कहा- जिन भाजपा नेताओं के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक सड़क पर उतरकर संघर्ष किया, घनश्याम सिंह चुनाव के दौरान उन्हीं नेताओं की तारीफ करते नजर आए। अब वही राजनीतिक भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं, जो भाजपा नेताओं को स्वीकार्य है।

घनश्याम सिंह ने कहा कि इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक शिकायत भेजी जा चुकी है।

घनश्याम सिंह ने कहा कि इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक शिकायत भेजी जा चुकी है।

भारती का दावा- 2028 में सेवढ़ा से टिकट का दिया था ऑफर

राजेंद्र भारती ने दोनों नेताओं के बीच हुई कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि चुनाव के दौरान घनश्याम सिंह ने उन्हें राजनीतिक प्रस्ताव दिया था कि वे इस बार दतिया से चुनाव लड़ रहे हैं।

2028 का विधानसभा चुनाव सेवढ़ा से लड़ेंगे, जिससे दतिया में भारती के लिए रास्ता खुला रहे। भारती ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

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