पठानकोट में जर्जर पुल पर मंडरा रहा हादसे का खतरा: रोक के बावजूद धड़ल्ले से गुजर रहे भारी वाहन, गाडि़यो के आते ही धड़धड़ाने लगता है पुलिस – Pathankot News
पठानकोट के सुजानपुर स्थित गांव बहेड़िया को जाने वाले मुख्य मार्ग पर नहर के ऊपर बना पुल अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। इसके बावजूद इस खस्ताहाल पुल से दिन-रात भारी वाहनों और ओवरलोडेड टिपरों की बेधड़क आवाजाही जारी है, जिससे कभी भी कोई भीषण हादसा हो सकता है। प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक का बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की अनदेखी पर कड़ा रोष जताया है। संगम शर्मा ने बताया कि दो-तीन साल पहले भी क्रशर उद्योग के भारी वाहनों के कारण क्षेत्र का एक पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब इस दूसरे पुल की हालत भी दयनीय है। प्रशासन ने खुद बैन का बोर्ड लगाया है, लेकिन उसकी आड़ में अवैध रूप से भारी गाड़ियां निकाली जा रही हैं। दिनेश कुमार के अनुसार, जब भी कोई ओवरलोडेड वाहन पुल के ऊपर से गुजरता है, तो पूरा पुल जोर-जोर से हिलने और कांपने लगता है, जिससे राहगीर सहम जाते हैं। मक्खन दीन ने कहा कि रात के समय ओवरलोडेड टिपरों की संख्या और बढ़ जाती है। यदि यह पुल ढह गया तो बहेड़िया सहित दर्जनों आसपास के गांवों का मुख्य संपर्क पूरी तरह कट जाएगा। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की अंधाधुंध आवाजाही के कारण छोटे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की जान हर वक्त खतरे में बनी रहती है। प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की गुहार गांव वासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि जर्जर पुल से भारी व ओवरलोडेड वाहनों का प्रवेश तुरंत और सख्ती से बंद करवाया जाए। भारी गाड़ियों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।पुल की अविलंब मरम्मत करवाकर संभावित जान-माल के नुकसान को टाला जाए।
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