मीरी पीरी खालसा मार्च दूसरे दिन तरनतारन पहुंचा: ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज: अकाल तख्त को चुनौती देने वाले सफल नहीं होंगे – tarn-taran News

मीरी पीरी खालसा मार्च दूसरे दिन तरनतारन पहुंचा:  ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज: अकाल तख्त को चुनौती देने वाले सफल नहीं होंगे – tarn-taran News




श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ ‘मीरी पीरी खालसा मार्च’ अपने सफर के दूसरे दिन गुरुद्वारा बीर बाबा बुद्ध साहिब (झबल) से रवाना होकर तरनतारन साहिब पहुंचा। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब में आयोजित दीवान में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने कथा विचार साझा किए। कार्यक्रम में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने संगत को संबोधित करते हुए अकाल तख्त साहिब के सिद्धांतों और सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी। “श्री अकाल तख्त साहिब गुरु का शाश्वत तख्त है” संगत को संबोधित करते हुए सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम का सर्वोच्च तख्त है, जहाँ से गुरु साहिब ने अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य का साथ देने का उपदेश दिया था। श्री अकाल तख्त साहिब गुरु का शाश्वत तख्त है। इसे चुनौती देने वाली ताकतें न तो कभी सफल हुई हैं और न ही भविष्य में कभी सफल होंगी। माझा की इस पवित्र धरती ने कई शूरवीरों को जन्म दिया है। युवाओं को गुरु साहिब की शिक्षाओं से जुड़कर नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहना चाहिए और सिख संस्थाओं की मजबूती के लिए एकजुट होना चाहिए। धर्म और राजनीति का अनूठा संतुलन है ‘मीरी पीरी’ का सिद्धांत: एडवोकेट धामी एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गुरु साहिब द्वारा दिए गए ‘मीरी पीरी’ के सिद्धांत को घर-घर तक पहुँचाना पूरे पंथ की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने सिखों को धर्म और राजनीति के एक साथ चलने का मार्ग दिखाया है, जो दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। एडवोकेट धामी ने विभिन्न स्थानों पर संगत द्वारा खालसा मार्च का किए गए भव्य स्वागत और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रति दर्शाई गई अगाध श्रद्धा के लिए संगत का धन्यवाद व्यक्त किया। सिख सिद्धांतों की रक्षा के लिए एकजुटता की आवश्यकता: विरसा सिंह वल्टोहा मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व विधायक व वरिष्ठ अकाली नेता स. विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि यह मार्च सिख संगत को श्री अकाल तख्त साहिब से जोड़ने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने सिख समुदाय से अपील की कि सिख सिद्धांतों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करने वाली ताकतों का विरोध करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
हाथी, घोड़ों और पंज प्यारों की अगुवाई में निकला भव्य नगर कीर्तन मार्च की शुरुआत में पंजाब पुलिस की टुकड़ी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन पालकी साहिब को सलामी दी। निहंग सिंह दल हाथी, घोड़ों और ऊंटों के साथ पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। मार्च के साथ चल रही विशेष गाड़ियों में गुरु साहिबानों व शहीदों के शस्त्रों और तस्वीरों के दर्शन के लिए संगत का भारी उत्साह देखा गया। मार्ग व पड़ाव: मार्च झबल, सुरसिंह, भिखीविंड, पहुंविंड, अमरकोट, वल्टोहा, घरियाला, पट्टी मोड़, चुसलेवार, दयालपुरा, शहबाजपुर, मानोचाहल, डालेके और पलासौर से होता हुआ गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब (तरनतारन) पहुंचा। जगह-जगह संगत ने पंज प्यारों और निशानची सिंहों को सिरोपा व रुमाला साहिब भेंट कर सम्मान दिया। इस अवसर पर ज्ञानी निशान सिंह (मुख्य ग्रंथी, बीर बाबा बुद्ध साहिब), निहंग प्रमुख बाबा मेजर सिंह सोढ़ी, बीबी कंचनप्रीत कौर (हल्का इंचार्ज), भाई मनजीत सिंह, भाई अजैब सिंह अभिषेक, बीबी जोगिंदर कौर बठिंडा, एसजीपीसी सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, ओएसडी सतबीर सिंह, डिप्टी सेक्रेटरी गुरनाम सिंह, हरभजन सिंह वक्ता, बाबा अवतार सिंह धत्तल, बाबा चरणजीत सिंह, बाबा नाहर सिंह, बाबा प्रेम सिंह, बाबा सतनाम सिंह, मैनेजर नरिंदर सिंह और जगदीश सिंह बुट्टर सहित बड़ी संख्या में पंथक शख्सियतें और श्रद्धालु उपस्थित थे।



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