चंडीगढ़ में मोबाइल स्नैचर को 5 साल कैद: कोर्ट ने 25 हजार जुर्माना भी लगाया; कहा-स्नैचिंग सड़क का सबसे गंभीर अपराध – Chandigarh News

चंडीगढ़ में मोबाइल स्नैचर को 5 साल कैद:  कोर्ट ने 25 हजार जुर्माना भी लगाया; कहा-स्नैचिंग सड़क का सबसे गंभीर अपराध – Chandigarh News




चंडीगढ़ जिला अदालत ने 3 साल पुराने स्नैचिंग के मामले में मोहाली के जगतपुरा निवासी दिनेश को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि स्नैचिंग आज सड़क पर होने वाले सबसे गंभीर अपराधों में से एक बन चुकी है। ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है, ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे। मामला अगस्त 2023 का है। लेबर का काम करने वाले हरीपाल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह साइकिल से काम पर जा रहा था। जब वह सेक्टर-48 मोटर मार्केट के पास पहुंचा तो बाइक पर सवार 2 युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। बाइक के पीछे बैठे दिनेश ने उसकी जेब से पर्स निकाल लिया, जिसमें 50 रुपए नकदी और आधार कार्ड था। वहीं बाइक चला रहा नाबालिग साथी उसका मोबाइल छीनने की कोशिश करने लगा। हरीपाल के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। आरोपी को लोगों ने मौके पर दबोचा भीड़ जुटते ही वहां मौजूद एक राहगीर ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी दिनेश को मौके पर ही पकड़ लिया। इस दौरान बाइक चला रहा उसका नाबालिग साथी भीड़ का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दिनेश को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में जांच के दौरान पुलिस ने फरार नाबालिग आरोपी की भी पहचान कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने घटना के बाद मौके से सबूत जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने पर पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से पेश किए गए सबूतों को देखा। अदालत ने माना कि दिनेश के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। इसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट बोला बढ़ रही स्नैचिंग की घटनाएं सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इससे आम लोगों, खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध अब लगभग रोज सामने आ रहे हैं। अदालत ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में नरमी बरती गई तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। इसलिए समाज में कानून का संदेश देने और सड़क अपराधों पर रोक लगाने के लिए दोषियों को कड़ी सजा देना आवश्यक है। इसी आधार पर अदालत ने दिनेश को पांच साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।



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