‘जो एक शादी करेगा…उसे ही MP में रहने का अधिकार’: CM बोले- राम एक विवाह करे तो रहीम चार क्यों; मानसून सत्र में आएगा UCC बिल – Katni News
कटनी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद केवल एक विवाह करने वाले व्यक्ति को ही कानूनी रूप से निवास का अधिकार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी विधानसभा के मानसून सत्र
.
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग कानून क्यों हों? सबके लिए एक ही कानून होना चाहिए। अगर राम एक शादी करेगा तो रहीम दो या चार शादियां क्यों करेगा? मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं और उनके अधिकारों की रक्षा जरूरी है।”
सीएम ने सांदीपनि विद्यालयों को लोकार्पण कार्यक्रम में जनता को संबोधित किया।
तीन तलाक बोलने वाले सीधे जेल जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित UCC लागू होने के बाद राज्य में केवल एक ही विवाह को कानूनी मान्यता मिलेगी। उन्होंने तीन तलाक का जिक्र करते हुए कहा, “तीन तलाक का दौर खत्म हो चुका है। अगर कोई ‘तलाक, तलाक, तलाक’ कहेगा तो उसे जेल जाना पड़ेगा।”
अगली कैबिनेट में मंजूरी, फिर विधानसभा में आएगा बिल मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में UCC विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद सरकार इसे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश करेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करना और भेदभाव खत्म करना है।


संविधान में यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में क्या कहा गया है?
संविधान के अनुच्छेद 44 के भाग- 4 में यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा है। राज्य के नीति-निदेशक तत्व से संबंधित इस अनुच्छेद में कहा गया है कि ‘राज्य, देशभर में नागरिकों के लिए एक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कराने का प्रयास करेगा।’
हमारे संविधान में नीति निदेशक तत्व सरकारों के लिए एक गाइड की तरह है। इनमें वे सिद्धांत या उद्देश्य बताए गए हैं, जिन्हें हासिल करने के लिए सरकारों को काम करना होता है।
———————-
यह खबरें भी पढ़ें
MP यूसीसी की फाइनल रिपोर्ट समिति ने CM को सौंपी:आदिवासी दायरे से बाहर

समिति ने यूसीसी की फाइनल रिपोर्ट सीएम डॉ. मोहन यादव को सौंप दी।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ गया है। राज्य सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यूसीसी की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें अनुसूचित जनजातियों (ST) को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। पढ़ें पूरी खबर
यूसीसी के सपोर्ट में 71% मुस्लिम महिलाएं

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले आम नागरिकों से सुझाव लिए गए हैं। इनमें मुस्लिम पुरुषों में केवल 38% ने यूसीसी का समर्थन किया, जबकि 15 हजार मुस्लिम महिलाओं में से 10.5 हजार यानी 71% ने यूसीसी के पक्ष में सुझाव दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

