कपूरथला मेयर चुनाव विवाद हाईकोर्ट पहुंचा: इलेक्शन रद्द करने की मांग, रिकॉर्ड-वीडियो तलब; याचिका में लगाए कई गंभीर आरोप – Kapurthala News

कपूरथला मेयर चुनाव विवाद हाईकोर्ट पहुंचा:  इलेक्शन रद्द करने की मांग, रिकॉर्ड-वीडियो तलब; याचिका में लगाए कई गंभीर आरोप – Kapurthala News




कपूरथला नगर निगम के मेयर चुनाव का विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। विधायक राणा गुरजीत सिंह और 26 कांग्रेसी पार्षदों ने 8 जुलाई को हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को अवैध घोषित कर रद्द करने की मांग की है। इस मामले की सुनवाई आज हाईकोर्ट में होनी है। माननीय जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस रुपिंदर चाहल की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। खंडपीठ ने 8 जुलाई को हुई नगर निगम की पहली बैठक और चुनाव प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड, कार्यवाही और वीडियो रिकॉर्डिंग अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत मिला था याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल, अजय चड्ढा और कुणाल मूलवानी सहित अन्य वकीलों ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि 26 मई 2026 को हुए नगर निगम चुनाव में 50 वार्डों में कांग्रेस और उसके समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत मिला था। बैठक निर्धारित समय पर नहीं बुलाई गई उन्होंने कहा कि निगम में विधायक समेत कुल 51 मतदाता हैं, जिनमें कांग्रेस के 27 और सत्तापक्ष व उसके समर्थित 24 पार्षद शामिल हैं। इसके बावजूद नगर निगम अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पहली बैठक निर्धारित समय पर नहीं बुलाई गई। 24 पार्षदों वाले समूह को ही संबोधित किया याचिका में आरोप लगाया गया है कि पहली बैठक बुलाने में जानबूझकर देरी की गई। इसका उद्देश्य बहुमत वाले पार्षदों पर दबाव बनाना और विरोध करने वाले पार्षदों को कथित तौर पर झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देना था। याचिका के अनुसार, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 8 जुलाई को पहली बैठक आयोजित की गई। हालांकि, शपथ ग्रहण के बाद केवल 24 पार्षदों वाले समूह को ही संबोधित किया गया। उम्मीदवार प्रस्तावित करने का मौका नहीं दिया याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बहुमत वाले 27 पार्षदों को अपना उम्मीदवार प्रस्तावित करने का मौका नहीं दिया गया और न ही मतदान की प्रक्रिया कराई गई। इसके बावजूद अधिकारी ने मेयर के निर्वाचित होने की घोषणा कर दी और बैठक स्थल से चले गए। केवल कुछ हिस्सों की ही रिकॉर्डिंग की गई याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव भी नहीं करवाए गए। इसके अलावा, प्रशासन के निर्देशों के बावजूद पूरी बैठक की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई और केवल कुछ हिस्सों की ही रिकॉर्डिंग की गई। चुनाव से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग याचिका में पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और चुनाव से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इसके साथ ही, ऑब्जर्वर की निगरानी में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव करवाने की अपील की गई है।



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