चन्नी खेमे को राहुल के विदेश से लौटने का इंतजार: चन्नी-रंधावा दिल्ली के नेताओं के संपर्क में, मीटिंग फिक्स करवाने की कवायद; निशाने पर रहेंगे वडिंग – Ludhiana News

चन्नी खेमे को राहुल के विदेश से लौटने का इंतजार:  चन्नी-रंधावा दिल्ली के नेताओं के संपर्क में, मीटिंग फिक्स करवाने की कवायद; निशाने पर रहेंगे वडिंग – Ludhiana News




पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खेमे को राहुल गांधी के विदेश से लौटने का इंतजार है। चन्नी खेमा पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखेगा। चन्नी खेमे में से चरणजीत सिंह चन्नी खुद व सुखजिंदर सिंह रंधावा राहुल गांधी से मीटिंग लेने के लिए दिल्ली के नेताओं से संपर्क साध चुके हैं। पार्टी दिल्ली बैठे एक शीर्ष नेता ने चन्नी गुट को आश्वास्त कर दिया है कि उनकी राहुल गांधी से मीटिंग जरूर करवाई जाएगी। चरणजीत सिंह चन्नी खेमा पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से पहले राहुल गांधी को मिलने की योजना तैयार कर दी है ताकि वो पंजाब में कांग्रेस की ग्राउंड रिएलिटी के बारे में राहुल गांधी को अवगत कराएंगे चन्नी खेमे ने स्पष्ट कर दिया कि पंजाब के मामले में अब सीधे राहुल गांधी से ही बात करेंगे। चन्नी गुट का दावा है कि उनके साथ 94 हलकों से जीते हारे कांग्रेस नेता, विधायकों व सांसदों का समर्थन है। प्रभारी बघेल की रिपोर्ट से पहले काउंटर प्लानिंग कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब की गुटबाजी सुलझाने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को 6 दिनों के दौरे पर भेजा था, लेकिन चन्नी खेमे का मानना है कि यह दौरा पूरी तरह एकतरफा रहा। आरोप है कि बघेल सिर्फ राजा वड़िंग के करीबियों से मिलते रहे। यही वजह है कि चन्नी खेमा अब एक बड़ी रणनीति के तहत काम कर रहा है। उनकी कोशिश है कि भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपें, उससे पहले ही वे खुद राहुल गांधी से मुलाकात कर लें। वे हाईकमान को बताना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और सीनियर नेता मौजूदा लीडरशिप से कितने नाराज हैं। हिस्ट्री रिपीट, अब चन्नी के पीछे सब एकजुट पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी हमेशा से रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह का पंजाब कांग्रेस पर लंबे समय तक होल्ड रहा। वो तीन बार प्रधान व दो बार मुख्यमंत्री रहे। अमरिंदर सिंह के रहते हुए कांग्रेस में गुटबाजी रही लेकिन उनके सामने नेता खुलकर बोल नहीं पाते थे। 2021 में नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ पार्टी में मोर्चा खोला तो पंजाब कांग्रेस के ज्यादातर लीडर उनके पीछे खड़े हो गए। कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन को हटा दिया लेकिन सीएम सिद्धू के बजाय चरणजीत सिंह चन्नी को बना दिया। कांग्रेस में गुटबाजी की हिस्ट्री फिर से रिपीट हो रही है। अब राजा वडिंग को हटाने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी के पीछे पंजाब कांग्रेस के सभी बड़े नेता खड़े हो गए। अब देखना होगा कि हाईकमान चन्नी खेमे के दबाव में आकर नेतृत्व परिवर्तन करता है या चन्नी खेमे को बैरंग लौटा देगा।



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