श्री गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूप पूरी मर्यादा में कनाडा गए: SGPC बोली- सोशल मीडिया पर प्रचार भ्रामक व झूठा, पहले भी कई देश भेजे गए – Amritsar News

श्री गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूप पूरी मर्यादा में कनाडा गए:  SGPC बोली- सोशल मीडिया पर प्रचार भ्रामक व झूठा, पहले भी कई देश भेजे गए – Amritsar News




सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों को कनाडा भेजे जाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक प्रचार पर चिंता जताई है। एसजीपीसी के सचिव सरदार बलविंदर सिंह काहलवां ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर संगतों में भ्रम फैलाने और संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा की संगतों और वहां की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों की लंबे समय से चली आ रही धार्मिक आवश्यकता और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ पालकी साहिब में सुशोभित कर कनाडा भेजे गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सिख मर्यादा और परंपराओं का पूरी तरह पालन किया गया। पहले भी कई देशों में भेजे जा चुके हैं स्वरूप काहलवां ने बताया कि इससे पहले भी इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, बैंकॉक सहित कई देशों में निर्धारित प्रक्रिया और स्वीकृति के बाद पावन स्वरूप भेजे जा चुके हैं। इसी क्रम में कनाडा के सरी स्थित गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा एसोसिएशन की मांग पर एसजीपीसी की अंतरंग कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद ही यह सेवा निभाई गई। उन्होंने कहा कि पावन स्वरूप भेजने से पहले एसजीपीसी के प्रतिनिधियों ने कनाडा जाकर सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। इसके अलावा संस्था के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुद्वारे में पहुंचकर पावन स्वरूपों के सम्मान और मर्यादा के अनुरूप किए गए प्रबंधों पर संतोष भी व्यक्त किया। पावन स्वरूपों के व्यापार के आरोपों का खंडन एसजीपीसी सचिव ने इस आरोप को भी पूरी तरह खारिज किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों का किसी प्रकार का व्यापार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है। संबंधित गुरुद्वारा कमेटी द्वारा संगत की धार्मिक आवश्यकता के अनुसार बिना किसी भेंट या आर्थिक लाभ के पावन स्वरूप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अंत में एसजीपीसी ने विश्वभर की सिख संगतों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। संस्था ने दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान, मर्यादा और सिख परंपराओं की रक्षा के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



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