गुरदासपुर में रावी पार सात गांवों का नाव सहारा: पैंटून पुल हटने से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने स्थायी पुल बनाने की मांग उठाई – Gurdaspur News
गुरदासपुर जिले में रावी नदी के पार बसे सात गांवों के लोगों को एक बार फिर आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मकोड़ा पत्तन पर प्रशासन द्वारा पैंटून पुल हटाए जाने के बाद ग्रामीणों के लिए नदी पार करने का एकमात्र साधन नाव ही बची है। इससे रोजमर्रा के कामकाज, शिक्षा और अन्य आवश्यक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि नाव दिनभर में केवल 5 से 7 चक्कर ही लगाती है। ऐसे में लोगों को तेज धूप और गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार यात्रियों को नाव तक पहुंचने के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। महिलाएं बोलीं- सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा स्थानीय महिलाओं ने बताया कि इस समस्या का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। नाव की सीमित सुविधा के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में स्कूली बच्चों से भरी एक छोटी नाव नदी में पलट गई थी। हालांकि सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन घटना के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार से मांग की है कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यदि पुल बनाना संभव नहीं है तो सरकार नदी के इस पार सरकारी जमीन पर 5-5 या 10-10 मरले के प्लॉट उपलब्ध कराए, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर बस सकें। ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
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