मोगा में आवारा कुत्तों का 10वीं के छात्र पर हमला: साथी को छोड़ने गया था, चीख सुन वैन चालक लाठी लेकर बचाई जान, अस्पताल में भर्ती – Moga News
मोगा शहर में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब मासूम बच्चों का गलियों में निकलना भी दूभर हो चुका है। ताजा मामला शहर के परवाना नगर इलाके से सामने आया है, जहां लर्निंग फील्ड स्कूल के 10वीं कक्षा के एक छात्र पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। गनीमत रही कि स्कूल वैन के चालक ने समय रहते अदम्य साहस और बहादुरी दिखाई, जिससे छात्र की जान बच सकी और एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजिंदरा एस्टेट का रहने वाला छात्र कविश जिंदल दोपहर के समय स्कूल वैन से अपने घर लौट रहा था। वैन चालक जब परवाना नगर पहुंचा, तो वहां वैन में सवार एक अन्य छोटे बच्चे को गली के अंदर उसके घर तक छोड़ना था। वैन चालक ने कविश से कहा कि वह छोटे बच्चे को गली के अंदर तक छोड़ आए। कविश उस बच्चे को सुरक्षित छोड़कर जैसे ही वापस वैन की तरफ लौट रहा था, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे तीन-चार खूंखार आवारा कुत्तों ने उस पर धावा बोल दिया। कुत्तों ने पैर पर काटा, चीख-पुकार सुन दौड़ा वैन चालक कुत्तों के झुंड ने कविश को चारों तरफ से घेर लिया और उसके पैर पर बुरी तरह काट लिया। छात्र ने जब जान बचाने के लिए शोर मचाया और चीख-पुकार शुरू की, तो वैन चालक बिना एक पल गंवाए मुस्तैदी से गाड़ी से उतरा। उसने वैन में रखी लाठी उठाई और पूरी बहादुरी के साथ कुत्तों पर टूट पड़ा। चालक ने लाठी फटकार कर कुत्तों को वहां से खदेड़ा और घायल कविश को सुरक्षित बाहर निकाला। सिविल अस्पताल में कराया गया दाखिल वारदात के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में छात्र कविश को मोगा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां आपातकालीन वार्ड के डॉक्टरों ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। पीड़ित छात्र को प्राथमिक उपचार देने और आवश्यक एंटी-रेबीज (Anti-Rabies) टीके लगाने के बाद डॉक्टरों ने उसे घर भेज दिया है। फिलहाल छात्र की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा घटना के बाद छात्र के परिवार और निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का कहना है कि यदि वैन चालक लाठी लेकर न पहुंचता तो कुत्ते बच्चे को नोच-नोच कर मार डालते। लोगों ने आरोप लगाया कि परवाना नगर सहित मोगा के लगभग हर इलाके में आवारा कुत्तों की वजह से बच्चों, बुजुर्गों और सुबह की सैर पर निकलने वालों के लिए खतरा हो गया है। लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है ।
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