पठानकोट के नरोट जैमल सिंह में पेयजल संकट: 7-8 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर लोग, खाली बाल्टियां लेकर किया दफ्तर का घेराव – Pathankot News

पठानकोट के नरोट जैमल सिंह में पेयजल संकट:  7-8 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर लोग, खाली बाल्टियां लेकर किया दफ्तर का घेराव – Pathankot News




पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र नरोट जैमल सिंह में पिछले लंबे समय से गहराया पेयजल संकट अब जन-आक्रोश में बदल चुका है। भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे स्थानीय निवासियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। पानी न मिलने से परेशान लोगों ने जल आपूर्ति विभाग और नगर पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खाली बाल्टियों के साथ कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नारे लगाकर अपना रोष प्रकट किया। 3 महीने से वार्ड में पानी की एक बूंद नहीं आई: शमा देवी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही स्थानीय महिला शमा देवी ने जल आपूर्ति विभाग की घोर लापरवाही बताया। उन्होंने गुस्से और दुखी मन से बताया कि पिछले तीन महीनों से उनके वार्ड में पानी की एक बूंद तक नहीं आ रही है। शमा देवी ने कहा, जब भी हम पानी की मांग लेकर जाते हैं, तो हमें मोटर खराब है, जैसे बहाने सुनाकर वापिस भेज दिया जाता है। शमा ने आरोप लगाया कि यहां के स्थानीय कर्मचारी और अधिकारी इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि वे हमारी शिकायतों को उच्च अधिकारियों या मंत्रियों तक पहुंचने ही नहीं देते। अफसरों की टालमटोल नीति से बढ़ी परेशानी शमा देवी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर मोटर बार-बार खराब हो रही है, तो अधिकारियों का यह फर्ज बनता है कि वे सरकार से नई मोटर की मांग करें। लेकिन इसके विपरीत, यहाँ के अधिकारी खुद ही बार-बार पुरानी मोटर की मरम्मत कराने की बात कहकर सिर्फ समय टालने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरोट जैमल सिंह में आम जनता की बात सुनने वाला कोई नहीं है। ईओ का आश्वासन भी निकला खोखला प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पंचायत कार्यालय भी गए थे। वहां मौजूद कार्यकारी अधिकारी (ईओ) ने उन्हें बाकायदा आश्वासन दिया था कि आने वाले शुक्रवार तक नई मोटर आ जाएगी, जिसके बाद वार्ड में पानी की किल्लत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। लेकिन वह शुक्रवार भी बीत गया और आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों का यह आश्वासन भी सिर्फ एक खोखला वादा साबित हुआ, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। 7-8 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं लोग इस भीषण और चिलचिलाती गर्मी में पानी न होने के कारण वार्ड नंबर 10 के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान अपनी बेबसी बयां करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि वे दूसरों के घरों और दूर-दराज के इलाकों से पानी मांग-मांग कर गुजारा कर रहे हैं। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि लोगों को पीने और खाना बनाने के पानी के लिए 7 से 8 किलोमीटर दूर जाकर बोतलें भरकर लानी पड़ रही हैं। इसके अलावा, घरों में रखे मवेशियों और पशुओं को पानी पिलाने में भी लोगों को भारी किल्लत और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वार्ड नंबर 10 में नई मोटर लगाकर पेयजल आपूर्ति को सुचारू नहीं किया गया, तो उनका यह प्रदर्शन और उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं, ईओ का कहना है कि जल्द ही वार्ड में मोटर लगवा दी जाएगी। जिससे लोगों की इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।



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