संगरूर सब्जी मंडी में पटाखे की दुकान में धमाका: बिना लाइसेंस चल रही दुकान में हादसा, कोई हताहत नहीं, केस दर्ज – Sangrur News
संगरूर की सब्जी मंडी में स्थित एक पटाखे की दुकान में सुबह-सुबह एक भीषण धमाका हो गया, जिसके बाद दुकान में जोरदार आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानें सुरक्षित बच गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुबह साढ़े 9 बजे हुआ हादसा, दमकल विभाग ने पाया काबू पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 9:30 बजे पेश आया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। शॉर्ट सर्किट बना कारण, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की मुख्य वजह बिजली की चिंगारी (शॉर्ट सर्किट) थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घटना स्थल से नमूनों (सैंपल्स) को एकत्र किया है, ताकि ब्लास्ट के सही कारणों का तकनीकी रूप से पता लगाया जा सके। 22 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर चल रहा था खेल पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस दुकान में धमाका हुआ, उसका पटाखा लाइसेंस विनोद कुमार सीगे के नाम पर था, जिनकी करीब 22 साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पिता की मौत के बाद उनका बेटा विकास कुमार इस दुकान को अवैध रूप से चला रहा था। घनी आबादी के बीच बिना लाइसेंस जमा था पटाखों का जखीरा जांच में यह भी साफ हुआ है कि दुकान का लाइसेंस काफी समय पहले एक्सपायर हो चुका था। इसके बावजूद, रिहायशी और घनी आबादी वाले सब्जी मंडी इलाके में बिना किसी वैध परमिशन के भारी मात्रा में बारूद और पटाखे जमा करके रखे गए थे, जो स्थानीय लोगों की जान के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था। इन गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी लाइसेंस नियमों के उल्लंघन और आबादी वाले क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखे रखने के आरोप में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। आरोपी विकास के खिलाफ इंडियन एक्सप्लोसिव्स एक्ट 1884 की धारा 9B और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 288 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल मामले की आगे की तफ्तीश जारी है।
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