गोपा हत्याकांड: 25 महीने से जेल में बंद शूटर बलजीत की जमानत खारिज – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर नकोदर रोड पर वडाला चौक के पास 12 मई 2024 को हेरोइन के सौदागर गुरप्रीत सिंह गोपा की गोली मारकर हत्या करने वाले शूटर बलजीत कुमार बीता की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कथित अपराध बेहद गंभीर प्रकृति का है और इसे अंजाम देने में याचिकाकर्ता का सीधा संबंध दिखाई दे रहा है, जिसके चलते जमानत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने माना कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हो चुकी है कि अपराध में उसी हथियार का इस्तेमाल किया गया था, जो आरोपी से रिकवर हुआ है। पिस्टल की यह बरामदगी याचिकाकर्ता के खिलाफ एक अहम सबूत है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि क्राइम सीन से मिले खाली कारतूस और याचिकाकर्ता से बरामद की गई पिस्टल की फोरेंसिक जांच करवाई गई थी। जांच में यह पूरी तरह क्लियर हो गया है कि क्राइम सीन से मिले खोल इसी बरामद पिस्टल से चले थे। अदालत में इसे एक बहुत मजबूत सबूत के तौर पर पेश किया गया। 29 जून 2019 को इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी से कस्टम ने चेकिंग के दौरान पाकिस्तान से आए रॉक साल्ट (नमक) के ट्रक से 532 किलो हेरोइन बरामद की थी। ट्रक में नमक के 600 बैग थे। यह खेप अमृतसर के इंपोर्टर गुरपिंदर सिंह ने पाकिस्तान से मंगवाई थी। गुरपिंदर की पूछताछ में गोपा और रंजीत झीता का नाम सामने आया था। गोपा तभी से फरार था और फरारी काटते हुए मिट्ठापुर इलाके में फैमिली के साथ रह रहा था। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी पहले ही 2 साल और 1 महीने का लंबा समय जेल में बिता चुका है। केस में कुल 24 गवाह हैं, जिनमें से अब तक सिर्फ 1 गवाह की गवाही हुई है। यह दर्शाता है कि केस की सुनवाई (ट्रायल) बहुत धीमी गति से चल रही है, जो आरोपी के अधिकारों का हनन है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि घटना को किसी ने अपनी आंखों से नहीं देखा है (कोई चश्मदीद नहीं है)। पूरा केस केवल परिस्थितियों और कड़ियों को जोड़कर बनाया गया है, जिसे अदालत में साबित करना अभियोजन के लिए मुश्किल हो सकता है। वडाला चौक के पास 12 मई 2024 को बस से उतरे हेरोइन के सौदागर गुरप्रीत सिंह गोपा (निवासी सराय अमानत खां, तरनतारन) को उसी बस से उतरे शूटर ने गोली मार दी थी। इसके बाद वह अपने साथी की बाइक के पीछे बैठ कर फरार हो गया था। गोपा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने 14 दिन की जांच और 600 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालने के बाद केस में शूटर बलजीत कुमार बीता को गिरफ्तार किया था।
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