डोडा में बाढ़ के साथ पत्थरों का सैलाब, दुकानें-गाड़ियां दबीं: नासिक में त्र्यंबकेश्वर परिक्रमा मार्ग बहा; गुरुगाम में सड़कें डूबीं; तबाही की 10 तस्वीरें
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नई दिल्ली/सूरत/जयपुर/लखनऊ/गुरुग्राम15 मिनट पहले
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देश के कई राज्यों में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। जम्मू-कश्मीर के डोडा में बाढ़ के साथ बड़े-बड़े पत्थरों का सैलाब आ गया। कई गाड़ियां, घर और दुकानें मलबे में दब गईं।
महाराष्ट्र के नासिक, मुंबई और पुणे में भी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। पुणे के खड़कवासला डैम से 27,303 क्यूसेक पानी मुथा नदी में छोड़ा गया है। नदी किनारे के गांवों में हाई अलर्ट है।
नासिक में त्र्यंबकेश्वर के दो गांवों को जोड़ने वाला पुल बह गया। यह मंदिर का परिक्रमा मार्ग भी था। श्रद्धालुओं की एंट्री दो दिन के लिए रोक दी गई है। कई अन्य शहरों में भी बाढ़ की स्थिति है।
देखिए तबाही की 10 तस्वीरें…

हरियाणा के गुरुग्राम में भारी बारिश से सड़कें डूब गई हैं। ट्रैफिक थम गया है।

पुणे में मुथा नदी उफान पर है। निचले इलाकों में नदी का पानी घुस गया है।

दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश में बारिश के दौरान दो गाड़ियों पर पेड़ गिर गया।

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में सड़कें और रेलवे ट्रैक डूब गई हैं।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बारिश के दौरान चार मंजिला इमारत ढह गई।

सूरत के होली बंगला इलाके में सड़कों पर कमर तक पानी भर गया है।

सूरत में बाढ़ वाले इलाकों से लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

महाराष्ट्र के वसई में सड़कों के आर-पार 2 से 3 फीट तक पानी बह रहा है।

डोडा में मंगलवार को बाढ़ के साथ बड़े-बड़े चट्टान घरों-दुकानों में घुस गए। कई गाड़ियां मलबे के नीचे दब गई हैं।

राजस्थान के जोधपुर में मंगलवार रात भारी बारिश से मोची बाजार की सड़कों पर नदी जैसी तेज पानी की धार बहती नजर आई।
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सूरत में बारिश का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: 36 घंटे में 19 इंच बारिश; जबलपुर में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरी, दिल्ली-जयपुर हाईवे धंसा

गुजरात के सूरत में 36 घंटे में 19 इंच बारिश हुई। इसके साथ ही जुलाई 1941 में दर्ज हुई 18 इंच बारिश का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। शहर में बाढ़ आ गई, शॉपिंग मॉल की एक मंजिल पानी में डूब गई और कारें सड़कों पर बहती नजर आईं। शहर का कोई इलाका नहीं बचा, जहां पानी न भरा हो।
सूरत में करंट लगने, पेड़ और बिजली गिरने से 9 लोगों की जान चली गई। बाढ़ में फंसे 3400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूरत और नजदीकी इलाके नवसारी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी बंद हैं। लोगों से कहा गया है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। पूरी खबर पढ़ें…


