कपूरथला में मेयर चुनाव से पहले छापेमारी की सियासत: कांग्रेस पार्षदों के प्रतिष्ठानों अचानक जांच करने पहुंची टीम, स्वीट हाउस सील करने पर हंगामा, धक्केशाही का आरोप – Kapurthala News

कपूरथला में मेयर चुनाव से पहले छापेमारी की सियासत:  कांग्रेस पार्षदों के प्रतिष्ठानों अचानक जांच करने पहुंची टीम, स्वीट हाउस सील करने पर हंगामा, धक्केशाही का आरोप – Kapurthala News




कपूरथला नगर निगम के मेयर चुनाव से ठीक एक दिन पहले शहर का राजनीतिक तापमान अपने चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार शाम को विभिन्न सरकारी विभागों की टीमों ने अचानक कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं और पार्षदों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ जांच और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों ने इस पूरी कार्रवाई को सत्ता पक्ष की सोची-समझी साजिश और ‘धक्केशाही’ करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि मेयर चुनाव के समीकरणों को प्रभावित करने और पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए जानबूझकर ऐन वक्त पर इन विभागों को आगे किया गया है। पार्षद के पति के क्लीनिक पर ड्रग विभाग की दबिश, दवाओं के रिकॉर्ड खंगाले इस प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाक्रम के तहत सबसे पहले कांग्रेस की महिला पार्षद ज्योति धीर के पति डॉ. राजीव धीर के मेडिकल क्लीनिक को निशाना बनाया गया। मंगलवार शाम ड्रग कंट्रोलर विभाग की एक विशेष टीम अचानक डॉ. राजीव धीर के क्लीनिक पर पहुंची और वहां मौजूद दवाइयों के स्टॉक तथा उनके कानूनी दस्तावेजों की गहनता से जांच शुरू कर दी। अचानक हुई इस विभागीय चेकिंग से क्लीनिक और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, विभाग के अधिकारियों ने इसे एक रूटीन और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया, लेकिन चुनाव से ठीक 24 घंटे पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग इसे राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। न्यू अहूजा स्वीट्स को सील करने पहुंची निगम की टीम, कांग्रेसी वर्करों ने किया घेराव इसी कड़ी में दूसरी बड़ी कार्रवाई कांग्रेस की एक अन्य महिला पार्षद नेहा आहूजा के पति विशाल आहूजा के प्रसिद्ध व्यापारिक प्रतिष्ठान ‘न्यू अहूजा स्वीट्स’ पर देखने को मिली। यहाँ नगर निगम की एक बड़ी टीम दलबल के साथ पहुंची और आरोप लगाया कि इस व्यावसायिक इमारत का निर्माण पूरी तरह से अवैध तरीके से किया गया है। इसी को आधार बनाकर निगम कर्मियों ने दुकान को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रतिष्ठान पर सीलिंग की कार्रवाई की भनक लगते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पार्षद और सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर इकट्ठा हो गए। गुस्साए कांग्रेस समर्थकों ने निगम प्रशासन और सत्ता पक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे देखते ही देखते मौके पर भारी तनाव और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। नोटिस की अवधि से पहले कार्रवाई का दावा, मौके पर डटे रहे दोनों पक्ष इस पूरी कार्रवाई को लेकर न्यू अहूजा स्वीट्स के संचालक विशाल आहूजा ने नगर निगम पर नियमों को ताक पर रखने का बड़ा आरोप लगाया है। विशाल आहूजा ने बताया कि उन्हें नगर निगम प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण के संबंध में बीती 6 जुलाई को एक आधिकारिक नोटिस थमाया गया था, जिसमें अपना पक्ष और जवाब दाखिल करने के लिए बकायदा तीन दिन का समय दिया गया था। उनका कहना है कि अभी नोटिस की तीन दिन की निर्धारित समय-सीमा समाप्त भी नहीं हुई थी कि राजनीतिक दबाव के चलते निगम ने समय से पहले ही सीलिंग की एकतरफा कार्रवाई शुरू कर दी, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। समाचार लिखे जाने तक एक तरफ जहां निगम की टीम सीलिंग की जिद पर अड़ी हुई थी, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस समर्थक भी दुकान के बाहर डटे हुए थे और गतिरोध बरकरार था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *