गुरदासपुर में सरकारी शिक्षक ने नहर में लगाई छलांग: काम के बोझ के तनाव में उठाया कदम, साथी को फोन करके बोला- मैं SIR से परेशान हूं – Batala News
पंजाब के गुरदासपुर जिले के काहनूवान क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव भट्टिया के पास एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ अपर बारी दोआब नहर में कूदकर एक सरकारी शिक्षक ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को ढूंढने के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। मृतक गांव सलोपुर निवासी गुरप्रीत सिंह पुत्र महिंदर सिंह भैणी मियां खां स्कूल में बतौर शिक्षक तैनात थे। घटना की खबर फैलते ही नहर के किनारे भारी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और शिक्षक समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस आत्मघाती कदम के पीछे विभागीय काम का अत्यधिक बोझ और मानसिक तनाव मुख्य वजह बताई जा रही है। इस घटना को लेकर साथी शिक्षकों में इस घटना को लेकर गहरा शोक व रोष है। नहर किनारे खड़े होकर साथी शिक्षक को किया था आखिरी फोन घटना से ठीक पहले गुरप्रीत सिंह ने अपने साथी शिक्षक गुरप्रताप सिंह को फोन किया था। गुरप्रताप सिंह और गांव के सरपंच कौशल सिंह ने बताया कि फोन पर गुरप्रीत ने अपनी मानसिक स्थिति और परेशानी को साझा किया था। गुरप्रताप सिंह के अनुसार गुरप्रीत ने मुझे फोन कर बताया कि वह भट्टिया गांव की नहर के पास खड़ा है। उसने अपनी कार वहीं पास में खड़ी की थी, जिसमें उसका सारा सामान रखा हुआ था। बातचीत के दौरान उसने ‘SIR’ से परेशान होने और काम के भारी बोझ का जिक्र किया, जिसे वह समय पर पूरा नहीं कर पा रहा था। उसने बेहद दुखी मन से कहा कि वह अब और सहन नहीं कर सकता और नहर में कूदने जा रहा है। चश्मदीद बोले- हमने नहर की जाते देखा, पर नही लगा की मरने जा रहा है पास के खेतों में काम कर रहे एक स्थानीय किसान ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उसने एक व्यक्ति को नहर के किनारे कार पार्क करके जाते हुए देखा था। हालांकि, उस समय उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह व्यक्ति आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने जा रहा है। उसके कूदने के बाद लोगों ने ग्रामीणों और पुलिस को जानकारी दी।
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