फाटक नहीं खुला, डेढ़ घंटे फंसी रही 2 हजार गाड़ियां: पठानकोट में ट्रेन भी नहीं गुजर पाई, रेलवे इंजीनियर्स आए तो ठीक हुआ – Pathankot News

फाटक नहीं खुला, डेढ़ घंटे फंसी रही 2 हजार गाड़ियां:  पठानकोट में ट्रेन भी नहीं गुजर पाई, रेलवे इंजीनियर्स आए तो ठीक हुआ – Pathankot News




पठानकोट में शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली नैरोगेज रेलवे लाइन के ढांगू रोड स्थित रेलवे फाटक का सिग्नल सिस्टम अचानक ठप पड़ गया। जिससे फाटक के 100 मीटर पहले ही ट्रेन रुकी रही और फाटक नहीं खुला। इसके बाद रात करीब 9 बजे से डेढ़ घंटे तक पूरा शहर दो हिस्सों में बंट गया और फाटक के दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। देखते ही देखते एक ओर सलारिया चौक तक और दूसरी ओर पीर बाबा चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रात के समय लगे इस जाम में करीब 2 हजार वाहन( बसें, बाइक, ऑटो और कारें) फंस गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक फाटक बंद होने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह सड़क शहर की लाइफ लाइन मानी जाती है और दूसरी सबसे ज्यादा व्यस्त सड़क है, जो जम्मू नेशनल हाईवे से जोड़ती है। रेलवे के एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया की आउटर सिग्नल खराब हो गया था। जिससे ट्रेन फाटक से करीब 100 मीटर दूर रुक रही। ट्रेन पहले ही लगभग आधा घंटा लेट थी। उसके बाद लगभग 35 मिनट इसको ठीक करने में लगे। रात साढ़े 10:30 बजे के आसपास ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुंच पाई। रेलवे इंजीनियरों ने कड़ी मशक्कत के बाद ठीक किया मामले की गंभीरता और सड़क पर बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए स्थानीय रेलवे प्रशासन हरकत में आया। सूचना मिलते ही रेलवे के तकनीकी विंग के इंजीनियर और कर्मचारी उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। इंजीनियरों ने रात के अंधेरे में करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सिग्नल सिस्टम की तकनीकी खराबी को दुरुस्त किया, जिसके बाद रेलवे फाटक को खोला जा सका। पिछले महीने भी खराब हुआ था फाटक स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए कहा कि ढांगू रोड फाटक का सिग्नल खराब होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले जून में भी इसी प्रकार तकनीकी खराबी के कारण फाटक खराब हो गया था। उस समय भी दिन के व्यस्त समय में शहर घंटों तक दो हिस्सों में बंटा रहा और लोगों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी थी। फाटक खुलने के बाद 1 घंटे तक थमी रही रफ्तार हालांकि रेलवे प्रशासन द्वारा करीब डेढ़ घंटे बाद सिग्नल ठीक कर फाटक खोल दिया गया था, लेकिन दोनों तरफ वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी थी कि जाम को पूरी तरह सुचारू होने में एक अतिरिक्त घंटे से भी अधिक का समय लग गया। हर कोई जल्दबाजी में निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक चरमरा गई। स्थानीय पुलिस और राहगीरों की मदद से धीरे-धीरे वाहनों को निकाला गया, तब जाकर देर रात लोगों ने राहत की सांस ली। रेलवे फाटक पर सिग्नल खराब होने पर ये असर ************** ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में डूबने से दो पंजाबी युवकों की मौत: एक का फिसला पैर, बचाने कूदा दूसरा भी डूबा; बरनाला – अमृतसर के रहने वाले थे कनाडा मॉन्ट्रियल शहर की लाशीन नहर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान पंजाब के बरनाला जिले के तपा मंडी निवासी 26 वर्षीय लवप्रीत सिंह और अमृतसर जिले के गांव बुटाला (नौरंगपुर) के एक अन्य युवक के रूप में हुई है। लवप्रीत सिंह के माता-पिता ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और विदेशों में रह रहे समाजसेवियों तथा एनआरआई से मदद की अपील की है। (पढ़ें पूरी खबर)



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