राम मंदिर मामले में दिग्विजय से MP तिवारी का किनारा: बोले-वह वरिष्ठ नेता, जवाब देने में समक्ष; खामियां की जांच सुप्रीम कोर्ट की कमेटी करे – Chandigarh News
राम मंदिर में चढ़ावे और चंदा चोरी को लेकर मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान से चंडीगढ़ के MP और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने दूरी बना ली है। तिवारी ने कहा, “दिग्विजय सिंह जी के बयान पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और अपने बयान से जुड़े किसी भी सवाल या स्पष्टीकरण का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम हैं।” सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर तिवारी ने कहा कि चूंकि राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया था, इसलिए यदि अनियमितताओं के आरोप लगे हैं तो उनकी जांच भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित एक समिति से कराई जानी चाहिए। इससे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित होगी तथा सच्चाई सामने आएगी। दिग्विजय सिंह ने लगाए थे आरोप मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में भारी हेराफेरी हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने मंदिर निर्माण के लिए 1,11,000 रुपये का चंदा चेक के माध्यम से दिया था। अब चंदे में हुई कथित लूट की बात सामने आने के बाद मैं अपना चंदा वापस चाहता हूं और इसके लिए अयोध्या की अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगा।”
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