जापानी कंपनी के 5 अधिकारियों पर हुई FIR: कृषि उपकरण निर्माता की शिकायत पर हुई कार्रवाई, डिज़ाइन चोरी और पेटेंट करवाया – Ludhiana News
लुधियाना के गांव आलमगीर स्थित एक कृषि उपकरण निर्माण कंपनी की शिकायत पर डेहलों पुलिस ने जापान और भारत से जुड़े एक बहुराष्ट्रीय समूह के पांच अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कंपनी के अधिकारियों ने व्यावसायिक साझेदारी के दौरान गोपनीय तकनीकी जानकारी, मशीन डिज़ाइन और इंजीनियरिंग ड्रॉइंग हासिल कर उनका दुरुपयोग किया। आरोप है कि इन डिज़ाइनों के आधार पर भारत में पेटेंट के लिए आवेदन किया गया और कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस ने धोखाधड़ी, चोरी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कृषि उपकरण निर्माता ने लगाए गंभीर आरोप
पक्खोवाल रोड निवासी जगतजीत सिंह, जो गांव आलमगीर स्थित जगतसुख इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी कंपनी कृषि मशीनरी, विशेष रूप से सेल्फ-प्रोपेल्ड बूम स्प्रेयर बनाने का काम करती है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2022 में जापान से जुड़ी कंपनी मारुयामा समूह के प्रतिनिधियों ने भारत में निर्माण साझेदारी का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने लंबे कारोबारी संबंधों का भरोसा दिया और दावा किया कि भारत में उनकी कोई प्रतिद्वंद्वी निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना नहीं है। साझेदारी के दौरान साझा की गई गोपनीय जानकारी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भरोसा जताने के बाद उन्होंने कंपनी के साथ मशीन डिज़ाइन, तकनीकी ड्रॉइंग, निर्माण प्रक्रिया, लागत संबंधी दस्तावेज, सप्लायर सूची और अन्य गोपनीय तकनीकी जानकारियां साझा कीं। 24 मई 2023 को दोनों पक्षों के बीच टोल मैन्युफैक्चरिंग एग्रीमेंट भी हुआ। इसके तहत मारुयामा को तकनीकी ड्रॉइंग और स्पेसिफिकेशन उपलब्ध कराने थे, जबकि जगतसुख इंडस्ट्रीज मशीनों का निर्माण करती थी। भारत में अलग कंपनी बनाने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि समझौते के कुछ समय बाद ही 26 जून 2023 को मारुयामा ने भारत में अपनी अलग इकाई मारुयामा एमएफजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड स्थापित कर ली। इसके बावजूद दोनों कंपनियां जनवरी 2026 तक साथ काम करती रहीं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 26 जनवरी 2026 को बिना पूर्व सूचना के समझौता समाप्त कर दिया गया। डिज़ाइन और तकनीकी डाटा चोरी करने का आरोप
जगतजीत सिंह ने आरोप लगाया कि 2022 और 2023 के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने कई बार आलमगीर स्थित फैक्ट्री का दौरा किया और इस दौरान गोपनीय तकनीकी दस्तावेजों, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, सीएडी फाइलों, प्रक्रिया पत्रकों और अन्य व्यावसायिक डाटा की कथित रूप से कॉपी कर ली। आरोप है कि बाद में इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर भारत में विभिन्न मशीन पार्ट्स, जिनमें अंडर कवर, गियर लीवर, शाफ्ट एंड पैडल तथा मैनिफोल्ड कंट्रोल शामिल हैं, के लिए पेटेंट आवेदन दायर किए गए। टैक्स चोरी के भी लगाए आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जापान स्थित कंपनी की ओर से कुछ मशीन पार्ट्स को “फ्री ऑफ कॉस्ट” (एफओसी) और परीक्षण सामग्री बताकर भारत भेजा गया। बाद में इन्हें मशीनों में लगाकर बाजार में बेचा गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए सीमा शुल्क और अन्य करों से बचने का प्रयास किया गया, जिससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ। जांच के बाद दर्ज हुई FIR मामले की जांच डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) की ओर से करवाई गई। जांच के दौरान दस्तावेजों और बयानों की समीक्षा के बाद पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच योग्य मानते हुए एफआईआर दर्ज की। डेहलों पुलिस ने मुनेनोरी ओहटा (मैनेजिंग डायरेक्टर), टाकायुकी साइटो (डिप्टी डायरेक्टर), हरमीत सिंह (मैनेजर), ऋत्विक दास (मैनेजर) और तोशियो कोंडो के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 379 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 66-सी के तहत मामला दर्ज किया है। पहले भी दर्ज हो चुका है एक और केस
गौरतलब है कि 11 जून को भी इसी शिकायतकर्ता की शिकायत पर डेहलों पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ एक अन्य एफआईआर दर्ज की थी। उस मामले में आरोप लगाया गया था कि प्रदर्शन और प्रदर्शनी के लिए अस्थायी रूप से दी गई 61.6 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चार कृषि मशीनें वापस नहीं की गईं। उस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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