पठानकोट में ग्रामीणों ने रात 2 बजे बिजली स्टेशन घेरा: 12 गांवों में लग रहे कट; बोले-केवल 2 घंटे मिल रही बिजली; अफसर नहीं उठाते फोन – Pathankot News
पठानकोट के हल्का भोआ स्थित मंगवाल बिजली स्टेशन पर बीती रात तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बिजली की भारी कटौती से परेशान होकर करीब 10-12 गांवों के ग्रामीण रात 2 बजे पावर हाउस के बाहर जमा हो गए। उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों पर गुस्सा निकाला। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शेखुपुर मंजीरी के सरपंच ने बताया कि यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि 24 घंटे में से केवल 2 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। भीषण गर्मी और उमस के कारण बिना बिजली के गांवों में रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकारें बदलने के बावजूद इस क्षेत्र को बिजली संकट से मुक्ति नहीं मिली है। फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता ग्रामीणों का मुख्य गुस्सा बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) और सब-डिवीजनल ऑफिसर (SDO) के प्रति था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समस्या होने पर अधिकारी फोन नहीं उठाते। एक ग्रामीण ने बताया कि सुबह से रात तक बिजली गुल रहती है और फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता। हमें मजबूरन रात में इतनी बड़ी संख्या में बिजली घर आना पड़ा।
आंधी कहीं भी चले हमारे इलाके की बिजली होती है गुल ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि पठानकोट शहर या अन्य क्षेत्रों में मामूली आंधी या तूफान आने पर भी उनके 7-8 गांवों की बिजली तुरंत काट दी जाती है। उन्होंने ताश पिंड, माखनपुर, बरमाल जट्टा, अखाड़ा, मंजीरी आर्यां, जट्टां दी मंजीरी, राजपूतां दी मंजीरी और किल्लपुर जैसे गांवों का उल्लेख किया, जहां बिजली विभाग की कथित लापरवाही से लोग परेशान हैं। विभाग और अधिकारियों के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान माहौल तब गरमा गया जब ग्रामीणों ने एकजुट होकर बिजली विभाग, जेई और एसडीओ के खिलाफ “मुर्दाबाद” के नारे लगाए। सरपंच और अन्य मौजिज लोगों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि आज सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और हाथ जोड़कर विनती करने आए हैं। अगर आगे से बिना वजह इन गांवों की बिजली काटी गई या क्रशरों को प्राथमिकता देकर हमारी सप्लाई रोकी गई, तो आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन और उग्र रूप ले सकता है। मौके पर बुलानी पड़ी पुलिस इस दौरान सूचना मिलते ही रात के समय पुलिस प्रशासन और सुरक्षाकर्मी भी मौके पर पहुंचे ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बिजली की नियमित सप्लाई चाहिए। इस बाबत जब अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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