जगराओं में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना पर सवाल: दलित मजदूर परिवारों ने मालिकाना हक न मिलने पर सौंपा मांगपत्र – Jagraon News

जगराओं में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना पर सवाल:  दलित मजदूर परिवारों ने मालिकाना हक न मिलने पर सौंपा मांगपत्र – Jagraon News




जगराओं में ग्रामीण मजदूर यूनियन ने ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना में दलित मजदूर परिवारों की कथित अनदेखी के विरोध में नायब तहसीलदार को मांगपत्र सौंपा। यूनियन ने योजना की धीमी प्रगति पर भी चिंता व्यक्त की। इस दौरान बड़ी संख्या में दलित मजदूर महिलाएं भी मौजूद थीं। यूनियन के जनरल सेक्रेटरी अवतार सिंह रसूलपुर और जिला प्रधान सुखदेव सिंह माणूके ने आरोप लगाया कि लाल लकीर के भीतर रहने वाले कई परिवार अभी भी मालिकाना हक से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि योजना लागू करने वाले अधिकारी दलित और मजदूर परिवारों को प्रक्रिया में शामिल करने में भेदभाव कर रहे हैं। गांव सिधवां कलां के कुलवंत सिंह सोनी, हाकम सिंह, मेजर सिंह और जसवीर कौर ने बताया कि गांव में ड्रोन सर्वे के आधार पर कई लोगों को लाल लकीर के तहत मालिकाना हक मिला है। हालांकि, दलित और मजदूर बस्तियों का सर्वे नहीं किया गया, जिससे वहां के गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए। 2024 में पटवारी ने जमा कराए थे आधार कार्ड उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में पटवारी ने आधार कार्ड जमा करवाए थे, लेकिन बाद में दलित बस्तियों के परिवारों को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। उनका आरोप है कि पूरे गांव की प्रक्रिया में दलित बस्ती को जानबूझकर अलग रखा गया, जिससे वहां के परिवार आज भी मालिकाना हक से वंचित हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि लाल लकीर के भीतर रहने वाले सभी दलित और मजदूर परिवारों के आधार कार्ड लेकर उन्हें जल्द से जल्द मालिकाना हक प्रदान किया जाए। मांगपत्र प्राप्त करने के बाद, नायब तहसीलदार ने मौके पर ही संबंधित पटवारी को बुलाया। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने और पात्र परिवारों को लाल लकीर के तहत मालिकाना हक देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीरा सिंह, प्रीतपाल सिंह, प्रीतम सिंह, रमनदीप कौर, गोगी कौर, परमजीत कौर, कुलदीप कौर, मोहिनी कौर, भजन सिंह और छिंदर सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।



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