पंजाब में यूरिया-डीएपी खाद की कोई कमी नहीं: केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े; कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – Pathankot News

पंजाब में यूरिया-डीएपी खाद की कोई कमी नहीं:  केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े; कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – Pathankot News




पंजाब के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि चालू खरीफ 2026 सीजन के दौरान पंजाब राज्य में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता पूरी तरह से पर्याप्त है। इसके साथ ही केंद्र ने राज्य सरकार को खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की संयुक्त सचिव वन्दना प्रेयषी द्वारा पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को लिखे गए एक आधिकारिक पत्र के जरिए सामने आई है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने दावा किया है कि उन्होंने 10 जून को ही केन्द्रीय मंत्री को इस बाबत पत्र लिखा था। इसका उन्हें तुरंत जवाब मिला है और सरकार ने खाद्द की भरपूर सप्लाई को यकीनी बना दिया है। ढिल्लों का कहना है कि अब राज्य सरकार सुनिश्चित करे कि ये खाद ब्लॉक स्तर पर हर किसान के पास पहुंचे। केंद्र ने पंजाब में खाद की उपलब्धता के आधिकारिक आंकड़े किए जारी
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की संयुक्त सचिव वन्दना प्रेयषी द्वारा केवल ढिल्लों को लिखे गए पत्र में आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में मांग से अधिक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
यूरिया की स्थिति: राज्य में अनुपातिक आवश्यकता 9,87,000 मीट्रिक टन की थी, जिसके मुकाबले 11,45,000 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है। इसमें से 7,18,000 मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी है और राज्य के पास फिलहाल 4,27,000 मीट्रिक टन का क्लोजिंग स्टॉक मौजूद है। डीएपी की स्थिति: डीएपी की आवश्यकता 1,11,000 मीट्रिक टन थी, जिसके मुकाबले 1,80,000 मीट्रिक टन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। इसमें से 82,000 मीट्रिक टन की बिक्री के बाद अभी भी 98,000 मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है। अतिरिक्त स्टॉक: इसके अलावा फास्फेटिक उर्वरकों की जरूरत को पूरा करने के लिए राज्य के पास 36,000 मीट्रिक टन एनपीकेएस और 89,000 मीट्रिक टन एसएसपी का अतिरिक्त स्टॉक भी मौजूद है। कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग पर कसेगा शिकंजा
संयुक्त सचिव वन्दना प्रेयषी ने पत्र में स्पष्ट किया कि उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत आते हैं। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि राज्य सरकारों के पास जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले व्यक्तियों या कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के पूरे अधिकार हैं। जिलों और ब्लॉकों के स्तर पर खाद का सही वितरण सुनिश्चित करना पूरी तरह से राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र रख रहा है पैनी नज़र
मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि उर्वरक विभाग पंजाब में सभी खादों की उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति पर लगातार पैनी नज़र रखे हुए है। किसानों की समस्याओं को सबसे शीर्ष प्राथमिकता पर हल करने के लिए विभाग लगातार पंजाब सरकार के साथ को-ऑर्डिनेशन बना रहा है ताकि खेती के इस सीजन में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।



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