बहबल कलां गोलीकांड, SIT समक्ष पेश हुए विजय सांपला: 2018 में राज्यपाल को सौंपे मांगपत्र की कॉपी मांगी, बोले- दस्तावेज मिलने के बाद दूंगा बयान – Jalandhar News
बहबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला मंगलवार को जालंधर पीएपी कॉम्प्लेक्स में एसआईटी के सामने पेश हुए। एसआईटी के समक्ष पेश होने के बाद विजय सांपला ने कहा कि उन्हें वर्ष 2018 में राज्यपाल को सौंपे गए मांग पत्र के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उस समय वह पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नहीं थे। हालांकि अकाली दल-भाजपा गठबंधन की ओर से संयुक्त रूप से मांग पत्र सौंपा गया था। दस्तावेज देखने के बाद जवाब देंगे सांपला ने कहा कि उन्होंने एसआईटी से मांग पत्र की कॉपी उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि दस्तावेज देखने के बाद ही वह मामले पर विस्तृत जवाब दे सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रति मिलने के बाद वह उसे मीडिया के सामने भी सार्वजनिक करेंगे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें दबाव बनाने या डराने की मंशा से बुलाया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एसआईटी दोबारा पूछताछ के लिए बुलाती है तो वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इस केस में भाजपा का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। 3 पॉइंट्स में जानें विजय सांपला ने क्या कहा:- तथ्यों को समझने के लिए विजय सांपला को समन एसआईटी ने इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला को नोटिस जारी किया था। उन्हें भेजे गए आधिकारिक समन में कहा गया है कि वे इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित प्रतीत होते हैं। इसी आधार पर एसआईटी ने उन्हें मामले से जुड़े अहम पहलुओं पर पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए जालंधर स्थित पीएपी कॉम्प्लेक्स में बुलाया है। 2015 के दर्ज मामलों पर टिकी है जांच यह पूरी कवायद साल 2015 में थाना बाजाखाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के तहत की जा रही है। ये मुकदमे 14 अक्टूबर 2015 और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज किए गए थे। बेअदबी की घटनाओं और इसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला था। अब एसआईटी इन प्रमुख लोगों से आमने-सामने पूछताछ कर मामले की गहराई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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