चंडीगढ़ के सत्तू का यूपी पुलिस ने किया एनकाउंटर: कभी पंजाब रणजी टीम का तेज गेंदबाज था; करोड़ों की रंगदारी वसूलने वाला अपराधी बना – Chandigarh News

चंडीगढ़ के सत्तू का यूपी पुलिस ने किया एनकाउंटर:  कभी पंजाब रणजी टीम का तेज गेंदबाज था; करोड़ों की रंगदारी वसूलने वाला अपराधी बना – Chandigarh News




पंजाब की रणजी टीम के लिए क्रिकेट खेलने वाला सतपाल उर्फ सत्तू उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। कभी तेज गेंदबाज के रूप में पहचान बनाने वाला सत्तू पिछले करीब 3 दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और कई संगीन मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस के अनुसार, सत्तू का नाम रंगदारी, हत्या, अपहरण और संगठित अपराध के कई मामलों में सामने आया था। वह मुंबई के कुख्यात छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ा रहा और विभिन्न राज्यों में व्यापारियों व कारोबारियों को धमकाकर उगाही करता था। क्रिकेट छोड़ अपराध की राह पर चला पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सतपाल ने वर्ष 1996 में पंजाब की रणजी टीम के लिए बतौर तेज गेंदबाज क्रिकेट खेला था। वह एक प्रतिभावान खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन बाद में अपराधियों के संपर्क में आकर उसने खेल जगत से दूरी बना ली और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। युवराज सिंह के पिता पर हमले का भी आरोप सत्तू का नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर हुए हमले के मामले में भी सामने आया था। इसके अलावा चंडीगढ़ और पंजाब के कई चर्चित मामलों में उसका नाम जुड़ा रहा। चंडीगढ़ से शुरू हुआ आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहला मामला वर्ष 2001 में चंडीगढ़ में दर्ज हुआ था। इसके बाद वह लगातार अपराध की गतिविधियों में शामिल रहा। उस पर रंगदारी मांगने, धमकी देने और कई अन्य संगीन आरोप लगे। पूर्व मेयरों को भी दी थीं धमकियां जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने चंडीगढ़ की पूर्व मेयर अनु चतरथ, कमलेश और प्रदीप छाबड़ा को भी धमकियां दी थीं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अनु चतरथ पर हमले का आरोप भी उस पर लगा था। जेल से बाहर आने के बाद फिर चर्चा में आया मार्च 2024 में जेल से बाहर आने के बाद सत्तू एक हत्या के मामले में फिर सुर्खियों में आया। पुलिस के अनुसार, उस पर एक व्यक्ति के अपहरण और हत्या का आरोप था। बाद में वह फर्जी पहचान के सहारे अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था। अस्पताल से फरार होने के बाद चल रही थी तलाश पुलिस का कहना है कि बीमारी का हवाला देकर अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में हुआ अंत सोमवार को मुजफ्फरनगर पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो उसने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि सत्तू के खिलाफ कई राज्यों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।



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