अमरिंदर पाल सिंह भारतीय वॉलीबॉल टीम में शामिल: संगरूर के खिलाड़ी एवीसी कप में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे – Barnala News

अमरिंदर पाल सिंह भारतीय वॉलीबॉल टीम में शामिल:  संगरूर के खिलाड़ी एवीसी कप में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे – Barnala News




पंजाब के संगरूर जिले के छोटे से गांव लेहल खुर्द के वॉलीबॉल खिलाड़ी अमरिंदर पाल सिंह ने खेल जगत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमरिंदर पाल का चयन भारतीय सीनियर वॉलीबॉल टीम में हुआ है। वर्तमान में वह गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित हो रहे एवीसी कप (एशियन वॉलीबॉल कन्फेडरेशन कप) में भारतीय टीम की ओर से देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जगदेव सिंह के पुत्र अमरिंदर पाल सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत, खेल के प्रति समर्पण और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है, जिससे पूरे पंजाब और संगरूर जिले के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। सीनियर नेशनल में कांस्य पदक जिताकर चमके थे अमरिंदर अमरिंदर पाल सिंह के अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन का रास्ता उनकी पिछली घरेलू सफलताओं से तय हुआ। उन्होंने कहा कि पिछली सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में बेहद शानदार और आक्रामक खेल दिखाया था। अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने अपनी टीम को कांस्य पदक (Bronze Medal) दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। राष्ट्रीय स्तर पर किए गए इसी दमदार प्रदर्शन की बदौलत वह चयनकर्ताओं की नजरों में आए, जिसके बाद उन्हें भारतीय सीनियर टीम का गौरवशाली हिस्सा बनने का मौका मिला। कोच दल सिंह बराड़ के मार्गदर्शन ने तराशा अमरिंदर की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके कोचों और मार्गदर्शकों का बड़ा हाथ रहा है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के पूर्व सहायक निदेशक और अनुभवी खेल प्रशिक्षक दल सिंह बराड़ के कुशल मार्गदर्शन और ट्रेनिंग ने अमरिंदर के खेल को निखारने में सबसे महत्वपूर्ण आधार स्तंभ का काम किया। इलाके में जश्न का माहौल; युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत गांव की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने वाले अमरिंदर पाल सिंह की इस कामयाबी पर क्षेत्र की सुख साहोके, डॉ. अमृत पाल, बेअंत सिंह, चमकौर सिंह नीटा, गुरदीप मौर, नरेंद्र मौर सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह सहित तमाम बड़ी हस्तियों व खेल प्रेमियों और जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन संगरूर के समस्त सदस्य ने बधाई दी। क्षेत्र के खेल प्रेमियों का कहना है अमरिंदर की यह सफलता साबित करती है कि यदि प्रतिभा के साथ सही दिशा, कड़ी मेहनत और समर्पण जुड़ जाए, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। उनकी यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि संगरूर और पंजाब के अन्य युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों में आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।”



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