पंजाब में एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, सरकार के खिलाफ नारेबाजी – Ropar (Rupnagar) News
पंजाब में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘एनएचएम जॉइंट फ्रंट पंजाब’ के बैनर तले पूरे संवर्ग के कर्मियों ने सामूहिक रूप से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण सूबे के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ं ‘एनएचएम जॉइंट फ्रंट’ के नेताओं ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई आर-पार की है। जब तक सरकार उनकी मांगों को मानकर उन्हें लिखित आश्वासन या नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और कामबंदी लगातार जारी रहेगी। हड़ताल के पहले दिन राज्यभर से आए कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से एनएचएम नेता परविंदर सिंह, लखवीर सिंह, सुखजीत कंबोज, जतिंदर कुमार, रजिंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह और मनदीप सिंह मौजूद रहे। इसके साथ ही, सीएचओ (CHO) विंग से हरनीत कौर, रवलीन कौर, मनप्रीत कौर, नवरीत कौर, डॉ. रीतू और सारिका के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ और महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेकर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारी नेताओं का आरोप-‘सरकार ने किया नजरअंदाज’ कर्मचारी नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर बेहद न्यूनतम वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका सीधा आरोप है कि मौजूदा सरकार का चार साल से अधिक का कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन बार-बार ध्यान आकर्षण करने के बावजूद उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। सरकार के इसी उपेक्षित रवैये से तंग आकर कर्मचारियों को मजबूरन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा है। क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें? समान काम – समान वेतन: नियमित (रेगुलर) कर्मचारियों की तर्ज पर संविदा कर्मियों को भी समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। नियत समय पर वेतन: हर महीने एक निश्चित तारीख पर वेतन का अनिवार्य भुगतान हो। महंगाई के अनुपात में बढ़ोतरी: मौजूदा मानदेय को आज की महंगाई दर के अनुपात में बढ़ाया जाए। लॉयल्टी बोनस व अन्य लाभ: लंबे समय से विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को लॉयल्टी बोनस सहित अन्य जरूरी सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
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