सुजानपुर में संत कबीर दास की 629वीं जयंती समारोह: निकाली गई भव्य शोभायात्रा, भजनों से गूंजा शहर, जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत – Pathankot News

सुजानपुर में संत कबीर दास की 629वीं जयंती समारोह:  निकाली गई भव्य शोभायात्रा, भजनों से गूंजा शहर, जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत – Pathankot News




सुजानपुर में संत शिरोमणि कबीर दास जी की 629वीं जयंती शनिवार को अगाध श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर शहर में एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संत कबीर दास जी के चरणों में अपनी आस्था प्रकट की। शोभायात्रा का शुभारंभ सुजानपुर स्थित ऐतिहासिक कबीर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुआ। इसके बाद यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों और मार्गों से होकर गुजरी। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु और संकीर्तन मंडलियां संत कबीर दास जी के प्रसिद्ध दोहों और भजनों का गुणगान करते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शहर में जगह-जगह पर स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया। उमस और गर्मी को देखते हुए कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा संगत के लिए जगह-जगह ठंडे पानी की छबील और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई थी। शोभायात्रा का नेतृत्व मोहिंदर भगत, जनक राज सहित क्षेत्र की कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक शख्सियतों ने किया। आयोजन में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी पूरे अनुशासन के साथ हिस्सा लिया। “आज भी प्रासंगिक हैं संत कबीर के विचार” इस समागम में बटाला से विशेष रूप से पहुंचे मुख्य अतिथि अशोक भगत का कबीर मंदिर प्रबंधक कमेटी और संगत द्वारा सिरोपा व स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। संगत को संबोधित करते हुए अशोक भगत ने कहा कि संत कबीर दास जी ने अपने दोहों और वचनों के माध्यम से तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार किया और दुनिया को सत्य, प्रेम, समानता, आपसी भाईचारे और मानवता का सच्चा मार्ग दिखाया। उनकी अमर शिक्षाएं आज के आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर समाज में प्रेम, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना चाहिए।” प्रशासन और कमेटियों के सहयोग से सफल रहा आयोजन कबीर मंदिर प्रबंधक कमेटी, विभिन्न सामाजिक क्लबों, स्वयंसेवकों और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के पुख्ता प्रबंधों के चलते यह विशाल शोभायात्रा पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुई। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने दूर-दराज से आए सभी श्रद्धालुओं, मुख्य अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।



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