लुधियाना में ICAR-CIPHET के वरिष्ठ वैज्ञानिक पर FIR: महिला सहकर्मी से की छेड़छाड़, अश्लील संदेश भेजने और मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने की दी धमकी – Ludhiana News

लुधियाना में ICAR-CIPHET के वरिष्ठ वैज्ञानिक पर FIR:  महिला सहकर्मी से की छेड़छाड़, अश्लील संदेश भेजने और मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने की दी धमकी – Ludhiana News




लुधियाना पुलिस ने ICAR-CIPHET (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के खिलाफ महिला सहकर्मी से कथित छेड़छाड़, पीछा करने, बदनाम करने और मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान डॉ. योगेश कुमार सोमवंशी के रूप में हुई है, जो ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटेड रिसर्च प्रोजेक्ट (AICRP) में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता भी ICAR-CIPHET के फूड ग्रेन्स एंड ऑयलसीड्स प्रोसेसिंग डिवीजन में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। महिला वैज्ञानिक ने 9 जून को दी पुलिस को शिकायत
महिला वैज्ञानिक ने 9 जून को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी पहले भी लुधियाना में तैनात रह चुका है और वह उसे केवल एक सहकर्मी के रूप में जानती थीं। उनके बीच कभी कोई निजी संबंध नहीं रहा। हाल ही में लुधियाना में दोबारा तैनाती के बाद आरोपी का व्यवहार उनके प्रति अनुचित और आपत्तिजनक हो गया था, जिसके चलते उन्होंने उससे दूरी बना ली थी। आरोपी ने व्हाट्सएप पर भेजे अनचाहे संदेश शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उन्हें व्हाट्सएप पर लगातार अनचाहे संदेश भेजने शुरू कर दिए। इन संदेशों में कथित तौर पर अभद्र, अपमानजनक, मानहानिकारक और धमकी भरी बातें लिखी गई थीं। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसके पास शिकायतकर्ता की कई मॉर्फ्ड और एडिट की गई तस्वीरें हैं, जिनका इस्तेमाल वह उनकी वैवाहिक जिंदगी और पेशेवर करियर को बर्बाद करने के लिए कर सकता है। महिला वैज्ञानिक ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी निजी तस्वीरें, चैट और अन्य व्यक्तिगत जानकारी उनकी अनुमति के बिना अन्य लोगों, यहां तक कि विभाग से जुड़े कुछ वेंडरों के साथ भी साझा की। ऐसा उनकी छवि खराब करने और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की नीयत से किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने कई बार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। उसने सार्वजनिक रूप से मॉर्फ्ड तस्वीरें प्रसारित कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और वैवाहिक जीवन को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी। महिला वैज्ञानिक ने पुलिस को बताया कि इस मामले की जांच संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के समक्ष भी लंबित है, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत गठित की गई है। समिति की ओर से आरोपी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस जांच के बाद पीएयू थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 78 (स्टॉकिंग), 79 (महिला की गरिमा का अपमान करने या निजता में दखल देने वाले शब्द, इशारे या कृत्य), 336(3) (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 351(2) और 356 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है।



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