बरनाला सांझ केंद्र में 4 दिन से बिजली बंद: प्रीपेड मीटर के कारण लोग जरूरी सुविधाओं से वंचित, परेशान होकर खाली हाथ लौट रहे – Barnala News
बरनाला के सिटी पुलिस स्टेशन परिसर स्थित सांझ केंद्र में पिछले चार दिनों से बिजली कनेक्शन कटा हुआ है। पंजाब सरकार द्वारा सरकारी दफ्तरों में लगाए गए पावरकॉम के प्रीपेड मीटर के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। बिजली बंद होने से सांझ केंद्र में सभी आवश्यक कार्य ठप पड़ गए हैं। दूर-दराज से आने वाले लोगों को अपने जरूरी काम पूरे किए बिना निराश लौटना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के कारण उन्हें अन्य सांझ केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे लोगों में प्रशासन और सरकार के प्रति रोष देखा जा रहा है। जरूरी दस्तावेजों के लिए भटक रहे लोग, ठप पड़ा कामकाज सांझ केंद्र एक महत्वपूर्ण स्थान है, जहां आम जनता से जुड़े कई अति-आवश्यक कार्य किए जाते हैं। यहां लोग मोबाइल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने, एनआरआई मामलों से संबंधित रिपोर्ट दर्ज कराने, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेने और अन्य सरकारी दस्तावेजों के लिए आवेदन करने आते हैं। ये सभी सेवाएं यहीं उपलब्ध होती हैं और दस्तावेज यहीं से जारी किए जाते हैं। हालांकि पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कंप्यूटर और इंटरनेट सिस्टम बंद पड़े हैं, जिससे पूरा कामकाज ठप हो गया है। लोगों को अब इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जरूरी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा: ढिल्लों इस मुद्दे पर विधानसभा हलका बरनाला से विधायक और जिला कांग्रेस प्रधान कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार के ‘आम आदमी मॉडल’ का वास्तविक उदाहरण है, जहां जनता को बुनियादी व जरूरी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। पावरकॉम की सफाई- मीटर खुद हो जाते हैं बंद इस मामले को लेकर जब पावरकॉम विभाग के एक्सईएन विकास कुमार से बात की गई तो उन्होंने तकनीकी पहलू स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि अब बिल न भरने की स्थिति में किसी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा बिजली कनेक्शन मैन्युअल रूप से काटने की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। जलापूर्ति और सिविल अस्पताल जैसी आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। इन मीटरों में बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है। उन्होंने आगे बताया कि संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर बैलेंस खत्म होने से पहले लगातार मैसेज भेजे जाते हैं। संभवतः इन अलर्ट्स पर ध्यान न दिए जाने के कारण रिचार्ज समाप्त होने पर मीटर स्वतः बंद हो गया।
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