फिरोजपुर में दुकान के बाहर पड़ा रहा युवक का शव: किसी ने नहीं दी पुलिस को सूचना, राहगीर ने फोन किया, पत्नी से हो चुका था तलाक – Fazilka News

फिरोजपुर में दुकान के बाहर पड़ा रहा युवक का शव:  किसी ने नहीं दी पुलिस को सूचना, राहगीर ने फोन किया, पत्नी से हो चुका था तलाक – Fazilka News




पंजाब के फिरोजपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। शहीद उधम सिंह चौक के नजदीक एक मार्केट में दुकान के बाहर एक युवक का शव मिला। हैरान कर देने वाली बात रही कि शव सुबह से ही मार्केट में पड़ा था, लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना देने की जहमत नहीं उठाई। आखिरकार एक राहगीर पुलिस को सूचित किया गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतक के पारिवारिक सदस्यों को सूचित कर मौके पर बुलाया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा और कानून के मुताबिक बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दिमागी हालत ठीक न होने के कारण उठाता था कबाड़ पुलिस जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विक्की पुत्र प्रेम, निवासी अलीके के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि हेल्पलाइन पर एक राहगीर द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि शहीद उधम सिंह चौक के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस अधिकारी गुरनाम सिंह मृतक विक्की का तलाक हो चुका था और वह घर नहीं जाता था। दिमागी संतुलन ठीक न होने के कारण वह फुटपाथों और अन्य जगहों पर रहकर जिंदगी बसर कर रहा था और गलियों से प्लास्टिक व कबाड़ उठाकर अपना गुजारा चलाता था।” , सुबह से पड़ा रहा शव, तमाशबीन बने रहे लोग पुलिस अधिकारी ने इस बात पर गहरा दुख और हैरानी जताई कि समाज की संवेदनाएं इस कदर मर चुकी हैं कि सुबह से दुकानों के बाहर शव पड़ा रहा, लोग वहां से गुजरते रहे, दुकानें खुल गईं, लेकिन किसी भी स्थानीय दुकानदार या राहगीर ने पुलिस को फोन करना जरूरी नहीं समझा। अंत में वहां से गुजर रहे एक सजग नागरिक ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। परिजनों ने कहा- बीमार रहता था विक्की मृतक की बहन पूजा और उसके चाचा ने बताया कि विक्की की दिमागी हालत काफी समय से ठीक नहीं थी। वह अक्सर बीमार भी रहता था। परिजनों के मुताबिक, जब वह घर पर होता था, तब भी उनके बाजार या काम पर जाने के बाद पीछे से चुपके से निकल जाता था। धीरे-धीरे उसने घर आना पूरी तरह बंद कर दिया और बाहर ही रहने लगा था।



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