फरीदकोट में 43 किसानों पर पानी चोरी का केस: यूनियन बोली- FIR में 10 साल पहले मर चुके लोगों के नाम भी – Faridkot News
फरीदकोट में मुदकी डिस्ट्री के मोघे तोड़कर मंजूरशुदा हिस्से से अधिक पानी लेने के आरोप में गांव सुखनवाला और किलानौ के 43 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में कौमी किसान यूनियन का दावा है कि एफआईआर में ऐसे किसानों के नाम भी शामिल किए गए हैं जिनकी करीब 10 साल पहले ही मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे नहरी विभाग व पुलिस की बड़ी लापरवाही बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग के एक्सईएन की शिकायत पर थाना सदर फरीदकोट पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कौमी किसान यूनियन ने लगाया प्रशासन पर आरोप विभाग का आरोप है कि 43 किसानों ने मुदकी डिस्ट्री के मोघे तोड़कर निर्धारित हिस्से से अधिक पानी अपने खेतों की ओर मोड़ लिया, जिससे नहर व्यवस्था प्रभावित हुई। इस मामले में कौमी किसान यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह किला नौ ने कहा कि नहरी विभाग ने बिना किसी मौके की जांच और तथ्यों का सत्यापन किए किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। उन्होंने कहा कि इन दिनों ज्यादातर किसानों द्वारा खेतों में सिंचाई के लिए नहरी पानी का उपयोग नहीं किया जा रहा बल्कि वह ट्यूबवेलों का उपयोग करते है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर में ऐसे व्यक्तियों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं जिनकी करीब 10 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। इससे विभाग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। किसान संत सिंह ने कहा कि उनके पिता व चाचा पर भी केस दर्ज किया गया है जबकि उनकी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो पहले निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जानी चाहिए थी। नहरी विभाग के रिकॉर्ड किसानों के नाम अंकित होंगे: डीएसपी इस मामले में डीएसपी तरलोचन सिंह ने कहा कि पुलिस ने नहरी विभाग की लिखित शिकायत पर केस दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है। रिकॉर्ड में अभी उन किसानों का नाम अंकित होने के चलते ऐसा हुआ हो सकता है। इसके लिए गहनता से जांच की जाएगी।
Source link

