पनबस और पीआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 696 नई बसें – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर करीब साढ़े चार साल के इंतजार के बाद पंजाब के सरकारी परिवहन बेड़े को मजबूत करने की तैयारी है। पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग ने पनबस और पीआरटीसी के लिए कुल 696 नई बसें खरीदने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। इनमें पनबस के लिए 387 और पीआरटीसी के लिए 309 बसें शामिल हैं। विभाग ने बसों की खरीद का टेंडर अशोक लेलैंड को आवंटित कर दिया है और उम्मीद है कि सितंबर तक बसों की डिलीवरी शुरू होने की संभावना है। पिछले करीब 10 दिन से चंडीगढ़ स्थित ट्रांसपोर्ट मुख्यालय में ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी, डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट और पंजाब रोडवेज के सभी जनरल मैनेजरों के साथ लगातार बैठकें हुईं। इन बैठकों में बसों की खरीद, तकनीकी मानकों और डिलीवरी शेड्यूल को लेकर अंतिम रणनीति तय की गई। हालांकि आने वाले दिनों में एचवीएसी बसों की खरीद को लेकर भी योजना पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। इससे पहले पंजाब रोडवेज की तरफ से किलोमीटर स्कीम के तहत बसों को डिपार्टमेंट में शामिल किया गया है जिसे लेकर रोडवेज की कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन लगातार विरोध कर रही थी। लेकिन बावजूद इसके सरकार ने इन बसों को अपने बेड़े में शामिल किया है। टेंडर के अनुसार एक फुली बिल्ट बस की कीमत 34 लाख 94 हजार 900 रुपए तय की गई है। इस हिसाब से 696 बसों की खरीद पर विभाग करीब 243 करोड़ रुपए खर्च करेगा। नई बसें शामिल होने से पुराने हो चुके सरकारी बेड़े को बदलने के साथ विभिन्न रूटों पर यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। नई बसों के शामिल होने से पुराने और अधिक माइलेज ले चुके वाहनों पर निर्भरता कम होगी। विभाग की योजना के अनुसार इन बसों को जरूरत के मुताबिक विभिन्न डिपो और प्रमुख रूटों पर लगाया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सकेगी। ट्रांसपोर्ट विभाग ने इस बार केवल फुली बिल्ट (रेडीमेड) बसें खरीदने का फैसला लिया है। इसके पीछे पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा बडिंग के समय खरीदी करीब 700 बसों का अनुभव भी अहम माना जा रहा है। उस समय चेसिस खरीदकर अलग से बॉडी तैयार कराई गई थी, जिसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे और कथित अनियमितताओं के आरोप भी चर्चा में रहे। इन्हीं विवादों से बचने के लिए विभाग ने इस बार सीधे कंपनी से तैयार बसें खरीदने का निर्णय लिया है।
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