पठानकोट-चंबा राज्यमार्ग पर महिलाओं ने दिया धरना: पेयजल संकट पर बोलीं-पानी का बिल देने के बावजूद मंगवाने पड़ रहे महंगे टैंकर, एक घंटा बंद रखा नेश्नल हाइवे – Pathankot News
पठानकोट के धार ब्लॉक के गांव बुंगल में पिछले कई दिनों से गहराए पेयजल संकट के विरोध में ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की किल्लत से परेशान भारी संख्या में महिलाएं घरों से निकलकर पठानकोट-चम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गईं और सड़क पर धरना देकर बैठ गईं। महिलाओं के इस प्रदर्शन के कारण लगभग एक घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और वाटर सप्लाई विभाग की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही मामून पुलिस स्टेशन की प्रभारी इंस्पेक्टर प्रीति अपनी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके साथ ही वाटर सप्लाई विभाग के प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं और ग्रामीणों से बातचीत की और जल्द से जल्द पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने का ठोस आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं ने अपना धरना समाप्त किया और हाईवे पर लगे जाम को खोल दिया।
बिल देने के बावजूद महंगे टैंकर मंगवाने को मजबूर ग्रामीण
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण किरण देवी, सोनिया देवी, अंतो देवी, निर्मला देवी, पूनम देवी, संयोगिता देवी, ज्योति देवी, नरेश कुमारी, मंजू देवी और त्रिशला देवी ने बताया कि उनके गांव में पिछले कई दिनों से पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। विभाग के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नियमित रूप से वाटर सप्लाई विभाग को पानी का बिल दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करके पानी के महंगे टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
बिजली समस्या और नए बोर का 41 लाख का एस्टीमेट तैयार
जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के एसडीओ संजीव सैनी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बिजली की आपूर्ति में समस्या आने के कारण पानी की मोटरें अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही हैं। अस्थाई राहत के लिए विभाग की ओर से गांव में पानी के टैंकर भी लगवाए गए हैं।
एसडीओ संजीव सैनी ने आगे बताया कि गांव में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक नए डीप बोर का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 41 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर उपायुक्त कार्यालय को भेज दिया गया है। जैसे ही विभाग को फंड रिलीज होगा, तुरंत नया डीप बोर लगाकर गांव में पीने के पानी की समस्या को हमेशा के लिए दूर कर दिया जाएगा।
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